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लेबनान पर इजरायली हमले तेज, 24 घंटे में 41 लोगों की मौत; ‘सीजफायर’ सिर्फ नाम का

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | बेरूत | 3 मई 2026

लेबनान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इजरायल की ओर से दक्षिणी लेबनान पर किए गए ताजा हवाई हमलों में 24 घंटे के भीतर कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई है। इनमें कई आम नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सिर्फ शनिवार को हुए हमलों में ही 10 लोगों की जान गई। अलग-अलग इलाकों में हुए हमलों ने कई परिवारों को तबाह कर दिया। नबातियेह जिले के शौकीन कस्बे में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि कफर दज्जाल गांव में एक कार पर हमले में दो लोग मारे गए। इसी तरह ल्वाइजेह गांव में एक घर पर बम गिरने से तीन लोगों की जान चली गई।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायली विमानों ने टायर जिले और आसपास के कई इलाकों को भी निशाना बनाया। शहरों और गांवों में लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है।

गौर करने वाली बात यह है कि कुछ दिन पहले ही युद्धविराम यानी सीजफायर की घोषणा की गई थी। लेकिन जमीन पर हालात कुछ और ही कहानी बता रहे हैं। हमले रुकने के बजाय लगातार जारी हैं। जानकारों का कहना है कि यह सीजफायर सिर्फ कागजों में है, असल में लड़ाई अभी भी जारी है।

इजरायल का कहना है कि उसके हमले हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं। लेकिन हकीकत यह है कि इन हमलों में आम लोग भी बड़ी संख्या में मारे जा रहे हैं। अब तक इस संघर्ष में हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और हजारों घायल हैं।

इस युद्ध की वजह से लेबनान में भारी तबाही हुई है। लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं और सुरक्षित जगहों की तलाश में भटक रहे हैं। कई इलाकों में बुनियादी सुविधाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

हिज़्बुल्लाह ने भी साफ कर दिया है कि वह अपने हमले जारी रखेगा। संगठन का कहना है कि वह इजरायली सेना को निशाना बना रहा है और अपने क्षेत्र की रक्षा कर रहा है। हाल के दिनों में हिज़्बुल्लाह ने छोटे ड्रोन और तोपखाने का इस्तेमाल बढ़ा दिया है, जिससे इजरायली सेना को भी नुकसान उठाना पड़ा है।

इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र में भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।

जमीनी हकीकत यह है कि आम लोग सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। लगातार हो रहे हमलों के बीच लोग डर और अनिश्चितता में जी रहे हैं। हर दिन नई मौतों और तबाही की खबरें सामने आ रही हैं।

लेबनान में हालात बेहद नाजुक हैं। सीजफायर के बावजूद हमले जारी हैं और युद्ध के खत्म होने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीतिक कोशिशें इस हिंसा को रोक पाएंगी या हालात और बिगड़ेंगे।

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