बिजनेस | सुनील कुमार सिंह | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 2 मई 2026
देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। अप्रैल महीने में Goods and Services Tax (GST) का कुल संग्रह अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। इस दौरान कुल GST कलेक्शन 2 लाख 42 हजार करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया, जो पिछले साल अप्रैल के मुकाबले 8.7 प्रतिशत ज्यादा है। पिछले वर्ष इसी अवधि में GST संग्रह करीब 2 लाख 23 हजार करोड़ रुपये था। इस बार का उछाल यह दिखाता है कि देश में आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं और कारोबार में मजबूती आई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बढ़ोतरी बेहतर टैक्स कंप्लायंस, डिजिटल लेनदेन में इजाफा और मजबूत उपभोग की वजह से संभव हुई है।
GST कलेक्शन में यह रिकॉर्ड स्तर सरकार के लिए भी राहत की खबर है, क्योंकि इससे राजस्व में वृद्धि होती है और विकास कार्यों के लिए संसाधन मजबूत होते हैं। बढ़ते कलेक्शन से यह भी संकेत मिलता है कि बाजार में मांग बनी हुई है और उद्योग-धंधों में गतिविधि जारी है।
टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार निगरानी, ई-इनवॉइसिंग और तकनीक के इस्तेमाल से टैक्स चोरी पर काफी हद तक लगाम लगी है। इसका सीधा असर GST कलेक्शन में बढ़ोतरी के रूप में दिखाई दे रहा है। छोटे और मध्यम व्यापारियों द्वारा भी अब डिजिटल माध्यम से लेनदेन बढ़ने से पारदर्शिता आई है।
अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, यह आंकड़ा आने वाले महीनों में आर्थिक रफ्तार का संकेत भी देता है। अगर यही रुझान जारी रहता है, तो सरकार की आय में और वृद्धि हो सकती है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, कल्याणकारी योजनाओं और निवेश को गति मिलेगी।
इस नए रिकॉर्ड ने यह साफ कर दिया है कि भारत की टैक्स प्रणाली धीरे-धीरे मजबूत हो रही है और अर्थव्यवस्था स्थिरता के साथ आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में GST कलेक्शन के और बेहतर आंकड़े सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।




