राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली
हज यात्रा 2026 के बीच एक नया विवाद सामने आया है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि हज पर जाने वाले यात्रियों को दी जा रही ‘स्मार्ट वॉच’ को लेकर पारदर्शिता नहीं है और इसकी कीमत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर किए गए दावों में कहा जा रहा है कि यह वॉच करीब 7 हजार रुपये में दी जा रही है और इसे अनिवार्य बनाया गया है। आरोपों को लेकर सियासी बहस भी तेज हो गई है। कुछ नेताओं ने केंद्र सरकार और Haj Committee of India की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि हज यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उनका कहना है कि यात्रा पहले ही महंगी होती है, ऐसे में इस तरह के खर्चों को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।
दूसरी ओर, हज प्रबंधन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्मार्ट वॉच जैसे उपकरणों के जरिए यात्रियों की लोकेशन ट्रैक करने, आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने और भीड़भाड़ में खो जाने जैसी समस्याओं से निपटने में मदद मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हज जैसी विशाल धार्मिक यात्रा में तकनीक का उपयोग सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन इसके साथ पारदर्शिता और विकल्प देना भी उतना ही जरूरी है। यात्रियों को यह स्पष्ट बताया जाना चाहिए कि यह सुविधा अनिवार्य है या वैकल्पिक, और इसकी लागत कैसे तय की गई है।
इस मुद्दे पर अभी आधिकारिक तौर पर विस्तृत स्पष्टीकरण का इंतजार है। हज यात्रा के दौरान लाखों लोग सऊदी अरब जाते हैं, ऐसे में किसी भी नई व्यवस्था को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश और पारदर्शिता जरूरी मानी जा रही है। ‘स्मार्ट वॉच’ को लेकर उठे सवालों ने हज प्रबंधन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं पर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस मामले पर स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।




