अंतरराष्ट्रीय | एजेंसी/ ABC NATIONAL NEWS | इस्लामाबाद | 1 मई 2026
पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। ताजा बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की कीमत करीब 393 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल करीब 380 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी अचानक नहीं आई, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों में लगातार उतार-चढ़ाव के बाद कीमतें इस स्तर तक पहुंची हैं। अप्रैल की शुरुआत में पेट्रोल की कीमत 450 रुपये प्रति लीटर से भी ऊपर चली गई थी, जिसके बाद देशभर में विरोध देखने को मिला। ईंधन महंगा होने का असर अब हर जगह दिख रहा है। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ गया है, जिसके कारण सब्जी, अनाज और रोजमर्रा के सामान की कीमतें भी तेजी से ऊपर जा रही हैं। आम आदमी के लिए घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
उद्योगों पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। फैक्ट्रियों की लागत बढ़ गई है, जिससे उत्पादन कम हो रहा है। छोटे कारोबार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई जगहों पर काम धीमा पड़ा है, जिससे रोजगार पर भी खतरा मंडरा रहा है।
सबसे ज्यादा दबाव बिजली और ऊर्जा सेक्टर पर है। महंगे ईंधन की वजह से बिजली उत्पादन महंगा हो गया है, और इसका बोझ भी अंत में जनता पर ही पड़ता है।
इस पूरे हालात ने प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है, जबकि आम लोगों में भी नाराजगी बढ़ रही है।
पाकिस्तान की स्थिति इसलिए और गंभीर है क्योंकि देश पहले से ही कर्ज, कमजोर अर्थव्यवस्था और महंगाई जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह उछाल एक बड़ा झटका बन गया है।
आने वाले दिनों में अगर वैश्विक बाजार में तेल महंगा रहता है, तो पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इसका मतलब है कि महंगाई का दबाव अभी और बढ़ने वाला है, और इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।




