[the_ad id="179"]
Home » International » अमेरिका में बेबी पाउडर पर बड़ा मुकदमा: 7,111 लोगों ने Johnson & Johnson पर कैंसर का आरोप लगाया

अमेरिका में बेबी पाउडर पर बड़ा मुकदमा: 7,111 लोगों ने Johnson & Johnson पर कैंसर का आरोप लगाया

अंतरराष्ट्रीय | विशेष संवाददाता | ABC NATIONAL NEWS | न्यू जर्सी/अमेरिका | 1 मई 2026

अमेरिका में बहुराष्ट्रीय कंपनी Johnson & Johnson के खिलाफ एक बड़ा और गंभीर कानूनी विवाद सामने आया है। यह मामला कंपनी के बेबी पाउडर से जुड़ा है, जिसे लंबे समय तक सुरक्षित और भरोसेमंद उत्पाद के रूप में बेचा जाता रहा। अब हजारों लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि इसी पाउडर के इस्तेमाल से उन्हें कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हुई। मुकदमे में कुल 7,111 लोग शामिल हैं। इनमें वे लोग हैं जो खुद बीमार हुए या उनके परिवार के सदस्य इस बीमारी से प्रभावित हुए। बड़ी संख्या में महिलाएं इस मामले में शामिल हैं, जिन्होंने वर्षों तक इस पाउडर का इस्तेमाल किया और बाद में ओवेरियन कैंसर का सामना करना पड़ा। कई पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने रोजमर्रा की देखभाल में इस उत्पाद का उपयोग किया, क्योंकि इसे सुरक्षित बताया जाता था।

दावेदारों का आरोप है कि कंपनी के बेबी पाउडर में एस्बेस्टस मिला हुआ था। एस्बेस्टस एक खतरनाक पदार्थ है, जिसे कैंसर से सीधे तौर पर जोड़ा जाता है। उनका कहना है कि कंपनी को इस जोखिम की जानकारी पहले से थी, लेकिन इसके बावजूद उत्पाद को बाजार में बेचा जाता रहा। आरोपों में यह भी कहा गया है कि कंपनी के भीतर इस विषय पर चर्चा और रिपोर्ट्स मौजूद थीं, जो खतरे की ओर इशारा करती थीं।

कई पीड़ितों ने अदालत में यह भी कहा कि उन्हें कभी इस बात की जानकारी नहीं दी गई कि उत्पाद में ऐसा कोई जोखिम हो सकता है। उनका मानना है कि अगर उन्हें पहले से चेतावनी दी जाती, तो वे इसका इस्तेमाल नहीं करते। इस कारण उन्होंने कंपनी पर न सिर्फ लापरवाही, बल्कि जानकारी छिपाने का भी आरोप लगाया है।

दूसरी तरफ Johnson & Johnson ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उसके बेबी पाउडर में कभी एस्बेस्टस नहीं पाया गया और उसके सभी उत्पाद सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं। कंपनी ने यह भी कहा है कि उसने जानबूझकर किसी भी तरह की जानकारी नहीं छिपाई और वह अपने उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है।

यह मामला अमेरिका की अदालतों में चल रहा है और इसे वहां के बड़े सामूहिक मुकदमों में से एक माना जा रहा है। अदालत में दोनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेज, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूत पेश कर रहे हैं। इस मुकदमे का असर सिर्फ इन 7,111 लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी बहस दुनिया भर में फैल गई है।

इस विवाद ने उपभोक्ता उत्पादों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि जिन उत्पादों का इस्तेमाल रोजमर्रा में किया जाता है, वे वास्तव में कितने सुरक्षित हैं। साथ ही कंपनियों की जिम्मेदारी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है कि क्या वे उपभोक्ताओं को हर संभावित खतरे की पूरी जानकारी देती हैं या नहीं।

अमेरिका में पहले भी इस कंपनी के खिलाफ ऐसे कई मुकदमे सामने आ चुके हैं। कुछ मामलों में कंपनी को मुआवजा देने के आदेश भी मिले थे, जबकि कई मामलों में कंपनी ने समझौते का रास्ता अपनाया। अब यह नया मुकदमा एक बार फिर उसी विवाद को बड़े स्तर पर सामने ला रहा है।

अदालत का अंतिम फैसला अभी आना बाकी है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि बड़े ब्रांड और उनके उत्पाद भी सवालों से परे नहीं हैं। आने वाले समय में यह मामला न सिर्फ कानूनी, बल्कि सामाजिक और व्यावसायिक स्तर पर भी कई बदलाव ला सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *