Home » National » WATCH VIDEO —160 वर्ग किमी जंगल खत्म करने की तैयारी… यह विकास नहीं, तबाही है : राहुल गांधी

WATCH VIDEO —160 वर्ग किमी जंगल खत्म करने की तैयारी… यह विकास नहीं, तबाही है : राहुल गांधी

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

राष्ट्रीय | महेंद्र सिंह | ABC NATIONAL NEWS | ग्रेट निकोबार | 29 अप्रैल 2026

कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने ग्रेट निकोबार के दौरे के बाद कड़े शब्दों में कहा कि यहां 160 वर्ग किलोमीटर के रेनफॉरेस्ट को खत्म करने की तैयारी चल रही है और इसे “प्रोजेक्ट” का नाम दिया जा रहा है, जबकि असल में यह सीधी-सीधी तबाही है। उन्होंने कहा कि जो कुछ उन्होंने अपनी आंखों से देखा, वह विकास नहीं बल्कि प्रकृति, आदिवासी समाज और देश की धरोहर पर सीधा हमला है। राहुल गांधी ने बताया कि ग्रेट निकोबार के जंगल उनके जीवन के सबसे अनोखे और खूबसूरत अनुभवों में से एक रहे। उन्होंने कहा कि यहां के पेड़ इतने पुराने हैं कि वे यादों से भी पुराने लगते हैं, और इन जंगलों को बनने में कई पीढ़ियों का समय लगा है। उनके मुताबिक, यह सिर्फ हरियाली नहीं बल्कि एक जीवित विरासत है, जिसे खत्म करना आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय होगा।

उन्होंने द्वीप के लोगों—खासकर आदिवासी समुदाय और यहां बसे परिवारों—का जिक्र करते हुए कहा कि ये लोग भी उतने ही अद्भुत हैं जितना उनका जंगल। लेकिन आज वही लोग अपने हक से वंचित किए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इन समुदायों से बिना ठीक से राय लिए फैसले किए जा रहे हैं और उन्हें एक बार फिर विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है।

राहुल गांधी ने “प्रोजेक्ट” शब्द पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कोई साधारण विकास योजना नहीं है। उनके अनुसार, “यह लाखों पेड़ों को काटने की तैयारी है, 160 वर्ग किलोमीटर के जंगल को खत्म करने का फैसला है और उन लोगों को नजरअंदाज करने का उदाहरण है जिनका इस जमीन पर सबसे ज्यादा अधिकार है।” उन्होंने इसे विकास की भाषा में छिपी तबाही बताया।

इसी दौरान उन्होंने उन आदिवासी परिवारों का भी जिक्र किया, जो 2004 की सुनामी के बाद अपने मूल स्थान से विस्थापित हुए थे और आज तक अपनी जमीन का इंतजार कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि अब एक नए प्रोजेक्ट के नाम पर उन्हें फिर से उजाड़ने की तैयारी हो रही है, जिससे उनकी जमीन, आजीविका और पहचान—तीनों पर खतरा है।

राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की प्राकृतिक संपदा और आदिवासी विरासत के खिलाफ एक बड़ा अपराध है। उन्होंने इसे अपने समय के सबसे बड़े घोटालों और गंभीर अपराधों में से एक बताते हुए कहा कि अगर इसे रोका नहीं गया तो इसके परिणाम बहुत दूर तक जाएंगे।

उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि अगर लोग सच को समझेंगे और देखेंगे, तो इस विनाश को रोका जा सकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता की जागरूकता ही ऐसे फैसलों को बदल सकती है और जंगलों तथा वहां रहने वाले लोगों को बचा सकती है। राहुल गांधी का यह दौरा केवल एक राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश बनकर सामने आया है—जहां पर्यावरण, आदिवासी अधिकार और विकास की दिशा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि यह मुद्दा आगे कैसे आकार लेता है और क्या सच में विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाया जा सकेगा।

5 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments