अंतरराष्ट्रीय/ व्यापार | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली / तेहरान / खाड़ी क्षेत्र | 22 अप्रैल 2026
दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में गिने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर तनाव भड़क उठा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान की नौसेना ने तीन विदेशी जहाजों को निशाना बनाते हुए उन पर फायरिंग की, जिसमें से दो जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया गया है। इस कार्रवाई ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ईरानी बलों ने इन जहाजों को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रोका था। चेतावनी के बावजूद जब जहाजों ने निर्देशों का पालन नहीं किया, तो उन पर फायरिंग की गई। इसके बाद दो जहाजों को जब्त कर लिया गया, जबकि तीसरा जहाज मौके से निकलने में सफल रहा। इस घटना के बाद समुद्री मार्ग से गुजरने वाले अन्य जहाजों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।
यह जलमार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है। दुनिया की बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। ऐसे में इस तरह की सैन्य कार्रवाई का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और व्यापार पर पड़ना तय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो वैश्विक बाजार में अस्थिरता और बढ़ सकती है।
इस घटनाक्रम के बाद ईरान और पश्चिमी देशों के बीच पहले से जारी तनाव और गहरा सकता है। कई देशों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की नौसेना भी इस क्षेत्र में पहले से ही सक्रिय है, जिससे टकराव की आशंका और बढ़ गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में इस तरह की घटनाएं सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक संकट का रूप ले सकती हैं। भारत जैसे देशों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि देश की बड़ी ऊर्जा जरूरतें इसी मार्ग से पूरी होती हैं। पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय निगाहें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कूटनीतिक स्तर पर तनाव कम करने की कोशिशें कितनी सफल होती हैं, या फिर यह घटना किसी बड़े टकराव का संकेत बनती है।




