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महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में मराठी पढ़ाना अनिवार्य, उल्लंघन पर 1 लाख तक जुर्माना और मान्यता रद्द होने का प्रावधान

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शिक्षा / महाराष्ट्र | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 18 अप्रैल 2026

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों में मराठी भाषा को अनिवार्य रूप से पढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार के इस आदेश के तहत अब चाहे स्कूल किसी भी बोर्ड से संबद्ध हो—CBSE, ICSE या राज्य बोर्ड—हर संस्थान में मराठी विषय पढ़ाना जरूरी होगा। इस नियम का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यदि कोई स्कूल मराठी पढ़ाने के नियम का उल्लंघन करता है तो उस पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, लगातार नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। इस फैसले को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग ने निगरानी तंत्र को भी मजबूत करने की बात कही है।

राज्य सरकार का कहना है कि मराठी महाराष्ट्र की मातृभाषा और सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है। ऐसे में नई पीढ़ी को इस भाषा से जोड़ना जरूरी है। सरकार के मुताबिक, इस कदम से छात्रों में स्थानीय भाषा के प्रति समझ और जुड़ाव बढ़ेगा, साथ ही राज्य की सांस्कृतिक विरासत भी मजबूत होगी।

हालांकि, इस फैसले को लेकर कुछ निजी स्कूलों और अभिभावकों के बीच चिंता भी देखी जा रही है। उनका कहना है कि पहले से ही छात्रों पर कई विषयों का दबाव है, ऐसे में एक और अनिवार्य भाषा जोड़ने से बोझ बढ़ सकता है। वहीं, कुछ शिक्षा विशेषज्ञों ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा है कि बहुभाषी शिक्षा से बच्चों का बौद्धिक विकास बेहतर होता है।

सरकार ने साफ किया है कि यह नियम चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और स्कूलों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में भी मदद दी जाएगी। शिक्षा विभाग जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि सभी स्कूल समय रहते नए नियमों का पालन कर सकें।

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