राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 17 अप्रैल 2026
लोकसभा में बुधवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीजेपी और उसके नेतृत्व पर एक के बाद एक तीखे हमले बोलते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी को अब लोगों और सेना के नाम पर खुद को बचाने की कोशिश बंद कर देनी चाहिए। राहुल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बीजेपी और उसके नेता यह भ्रम पाल बैठे हैं कि वे खुद भारत के लोग हैं या देश की सेना हैं, जबकि हकीकत यह है कि वे सिर्फ एक राजनीतिक दल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष बीजेपी की नीतियों और फैसलों पर हमला कर रहा है, न कि देश की जनता या सशस्त्र बलों पर।
राहुल गांधी ने सदन में बोलते हुए कहा, “बीजेपी और उसके नेतृत्व के दिमाग में एक बुनियादी भ्रम है। वे सोचते हैं कि वे भारत के लोग हैं। आप भारत के लोग नहीं हैं! वे यह भी सोचते हैं कि वे सेना हैं। आप सेना नहीं हैं! हम भारत के लोगों या सशस्त्र बलों पर हमला नहीं कर रहे हैं, हम आप पर हमला कर रहे हैं। भारत के लोगों या सशस्त्र बलों के पीछे कायरों की तरह छिपने की कोशिश मत कीजिए।” यह बयान संसद में महिलाओं के आरक्षण बिल और आगामी डेलिमिटेशन (सीमा निर्धारण) प्रक्रिया को लेकर चल रही बहस के दौरान आया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बीजेपी इन बिलों के जरिए देश के चुनावी समीकरण को अपने हिसाब से बदलने की कोशिश कर रही है और जब विपक्ष इस पर सवाल उठाता है तो सरकार राष्ट्र और सेना का सहारा लेकर बच निकलने की कोशिश करती है।
सदन के अंदर राहुल गांधी के इन शब्दों के बाद काफी हंगामा मच गया। बीजेपी के सदस्यों ने इसे आपत्तिजनक करार देते हुए नारेबाजी शुरू कर दी, जबकि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के अन्य सांसद राहुल के समर्थन में खड़े हो गए। राहुल ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि बीजेपी को यह समझ लेना चाहिए कि वह देश नहीं है, सिर्फ एक राजनीतिक संगठन है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार की गलत नीतियों, खासकर किसानों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार सवाल उठा रहा है, लेकिन हर बार सत्ता पक्ष राष्ट्रवाद का ढोंग रचकर बहस से भागने की कोशिश करता है। राहुल ने जम्मू-कश्मीर और असम में पहले हो चुके डेलिमिटेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि बीजेपी वहां भी राजनीतिक फायदे के लिए जनसंख्या और सीटों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश कर चुकी है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी के बयान को पूरी तरह से सही बताया और कहा कि विपक्ष देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए लड़ रहा है। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने दावा किया कि राहुल गांधी ने जो कहा, वह सच्चाई है। बीजेपी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि सदन में कई बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की और इसे राष्ट्र-विरोधी बताने की कोशिश की। सूत्रों के अनुसार, इस बयान के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस जारी रही और स्पीकर ने बार-बार सदन को शांत कराने की कोशिश की।
विपक्षी दलों का कहना है कि बीजेपी लगातार अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए राष्ट्र और सेना का नाम इस्तेमाल कर रही है, जबकि असली मुद्दे बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की दिक्कतें और संस्थागत स्वायत्तता से जुड़े हैं। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है और कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह आक्रामक अंदाज कांग्रेस को विपक्ष की भूमिका में मजबूती दे रहा है और आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही और भी गरम रहने वाली है।




