राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | 22 मार्च 2026
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान (Maharshi Sandipani Rashtriya Ved Vidya Pratishthan) में एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया है। यह संस्थान भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित एक प्रतिष्ठित आवासीय गुरुकुल है, जहां वेदों की पारंपरिक शिक्षा दी जाती है। लेकिन यहां अनुशासन के नाम पर एक नाबालिग छात्र के साथ हुई क्रूरता ने शिक्षा व्यवस्था, गुरुकुल परंपरा और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना का एक 44-51 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सामवेद के अध्यापक और हॉस्टल वार्डन दत्तदास शेवड़े (Dattadas Shevde) एक छात्र को हरी छड़ी या डंडे से बेरहमी से पीटते दिख रहे हैं। छात्र दर्द से चीखता-रोता नजर आ रहा है, उसके शरीर पर गहरे निशान पड़ गए हैं, लेकिन मौजूद अन्य लोग या तो चुप हैं या कोई रोक-टोक नहीं कर रहे। आरोप है कि छात्र की “गलती” सिर्फ इतनी थी कि वह किसी दूसरे छात्र के बिस्तर पर सो गया था। यह घटना लगभग 15 मार्च 2026 की रात बताई जा रही है, लेकिन वीडियो 21-22 मार्च को वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आया।
यह मामला न केवल व्यक्तिगत अपराध का है, बल्कि बड़े पैमाने पर शिक्षा संस्थानों में बच्चों के साथ होने वाली हिंसा, अनुशासन के पुराने और क्रूर तरीकों, तथा गुरुकुलों में सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर करता है। कई लोग इसे “तालिबानी सजा” या “बर्बर अत्याचार” कह रहे हैं, जबकि कुछ इसे “आउटडेटेड शिक्षा प्रणाली” का नतीजा बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (जिनका विधानसभा क्षेत्र भी उज्जैन है) से सीधे सवाल कर रहे हैं कि ऐसी घटनाओं पर उनकी सरकार कब और कैसे कार्रवाई करेगी। भारतीय युवा कांग्रेस, शक्ति अभियान जैसे संगठन और आम नागरिक दोनों ही दोषी की तुरंत गिरफ्तारी और संस्थान पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वीडियो में छात्र की चीखें और शिक्षक की लगातार मारपीट देखकर हर कोई स्तब्ध है—यह देखकर लगता है कि शिक्षा के मंदिर में मानवता कहीं खो गई है।
पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए चिंतामण थाना में FIR दर्ज कर ली है। आरोपी दत्तदास शेवड़े के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115 (मारपीट), 296 (संभावित अश्लील व्यवहार या गंभीर हमला), तथा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 (बाल क्रूरता) के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। थाना प्रभारी हेमराज यादव ने बताया कि पीड़ित छात्र और उसके अभिभावकों की काउंसलिंग की गई, मेडिकल जांच कराई गई, और जांच जारी है। हालांकि, 22 मार्च 2026 शाम तक की उपलब्ध जानकारी के अनुसार आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी या निलंबन की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संस्थान प्रशासन की ओर से अभी तक कोई बयान या प्रतिक्रिया नहीं आई है, जो आक्रोश को और बढ़ा रहा है। पुलिस जांच में यह देखा जा रहा है कि घटना के दौरान मौजूद अन्य शिक्षक या स्टाफ ने क्यों कोई हस्तक्षेप नहीं किया, और क्या यह संस्थान की संस्कृति का हिस्सा है।
बच्चों के साथ किसी भी रूप में शारीरिक हिंसा अस्वीकार्य और गैरकानूनी है—चाहे वह “अनुशासन” के नाम पर ही क्यों न हो। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि पारंपरिक शिक्षा प्रणाली में आधुनिक मूल्यों जैसे बाल अधिकार, मानसिक स्वास्थ्य और गैर-हिंसक अनुशासन की कितनी जरूरत है। उम्मीद है कि मध्य प्रदेश पुलिस और प्रशासन जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करेगा, पूरी जांच करेगा, दोषी को कड़ी सजा दिलाएगा, और ऐसे संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी करेगा। यदि आप इस वीडियो या घटना से जुड़ी कोई नई जानकारी या अपडेट चाहते हैं, तो बताएं—मैं और गहराई से देख सकता हूं। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।




