आंध्र प्रदेश | 22 मार्च 2026
आंध्र प्रदेश में सामने आए मिलावटी दूध कांड ने अब और भयावह रूप ले लिया है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, इस घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर करीब 20 तक पहुंच गई है। वहीं कई लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। यह पूरा मामला पूर्वी गोदावरी जिले के राजमहेंद्रवरम क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां एक ही स्रोत से सप्लाई हुए दूध को पीने के बाद लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। शुरुआत में उल्टी, पेट दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखे, लेकिन बाद में कई मरीजों की हालत तेजी से बिगड़ती चली गई और किडनी फेल होने जैसे गंभीर मामले सामने आए।
डॉक्टरों के अनुसार, पीड़ितों में समान लक्षण मिलने के बाद यह संदेह गहराया कि दूध में किसी जहरीले रसायन की मिलावट की गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि दूध में एथिलीन ग्लाइकोल जैसे खतरनाक केमिकल की मिलावट की आशंका है, जो शरीर के अंदर जाकर किडनी और अन्य अंगों को बुरी तरह प्रभावित करता है।
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और संदिग्ध डेयरी यूनिट को तुरंत बंद कर दिया गया। पुलिस ने दूध सप्लायर और संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही पूरे इलाके में दूध और डेयरी उत्पादों की सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में कैंप लगाकर लोगों की जांच कर रही हैं और संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी जा रही है।
इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है, बल्कि खाद्य सुरक्षा और निगरानी तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरत माने जाने वाला दूध अगर जानलेवा साबित हो, तो यह सिस्टम की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। सरकार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल पूरे इलाके में डर और सतर्कता का माहौल बना हुआ है।




