अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 21 मार्च 2026
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच US Department of Defense ने साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई के खत्म होने का कोई निश्चित समय तय नहीं है। अमेरिकी रक्षा विभाग का कहना है कि यह युद्ध किसी तय तारीख से नहीं, बल्कि हालात और रणनीतिक जरूरतों के आधार पर आगे बढ़ेगा और खत्म भी उसी के अनुसार होगा।
पेंटागन के अधिकारियों ने कहा है कि मौजूदा स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए किसी “डेडलाइन” में खुद को बांधना सही नहीं होगा। उनका कहना है कि जब तक अमेरिकी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक ऑपरेशन जारी रहेगा। इस बयान से यह साफ संकेत मिला है कि यह संघर्ष लंबा खिंच सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों पर हमले बढ़ गए हैं। तेल और गैस से जुड़े कई अहम स्थान निशाने पर आए हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने लगा है। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि यहीं से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल गुजरता है।
अमेरिका का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई का मकसद क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना और अपने हितों की रक्षा करना है। लेकिन दूसरी ओर, इस बयान ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि युद्ध जल्द खत्म होने की उम्मीद कम है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि “कोई तय समय नहीं” का मतलब है कि अब यह संघर्ष हालात के अनुसार लंबा चल सकता है। अगर हमले जारी रहते हैं और तनाव बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा।
खाड़ी क्षेत्र के देश—सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर—भी इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। एक तरफ सुरक्षा का दबाव है, तो दूसरी तरफ आर्थिक स्थिरता की चिंता। हालात यही संकेत दे रहे हैं कि यह टकराव जल्दी थमने वाला नहीं है। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आगे क्या कूटनीतिक रास्ता निकलता है, या फिर यह संघर्ष और ज्यादा गहराता है।




