Home » International » NATO पर भड़के ट्रंप, ईरान युद्ध में साथ न देने पर बोले—”कायर हैं ये लोग”

NATO पर भड़के ट्रंप, ईरान युद्ध में साथ न देने पर बोले—”कायर हैं ये लोग”

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वाशिंगटन/ब्रसेल्स | 20 मार्च 2026

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NATO देशों पर तीखा हमला बोला है। ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य टकराव में सहयोग न मिलने से नाराज़ ट्रंप ने NATO को “अमेरिका के बिना कागजी शेर” बताते हुए कहा कि “ये देश सिर्फ बातें करते हैं, लड़ाई के वक्त पीछे हट जाते हैं।”

ट्रंप ने अपने बयान में साफ तौर पर कहा कि जब अमेरिका नेतृत्व करता है तो सभी देश सुरक्षा का लाभ उठाते हैं, लेकिन जिम्मेदारी निभाने की बारी आती है तो वही सहयोगी देश किनारा कर लेते हैं। उन्होंने NATO देशों को “कायर” बताते हुए आरोप लगाया कि वे ईरान के खिलाफ मोर्चा लेने से डर रहे हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर बढ़ा विवाद

ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ क्षेत्र में तनाव बढ़ाने के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ा है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा रूट्स में से एक है। ट्रंप का कहना है कि इस रास्ते से सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाले यूरोपीय देश ही अब उसकी सुरक्षा में आगे नहीं आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका अपनी सैन्य ताकत पीछे खींच ले तो NATO की असलियत सामने आ जाएगी। “बिना अमेरिका के NATO कुछ भी नहीं है,” ट्रंप ने जोर देकर कहा।

यूरोप ने बनाई दूरी

दूसरी ओर, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे प्रमुख NATO सदस्य देशों ने सीधे युद्ध में शामिल होने से इनकार किया है। इन देशों का रुख है कि स्थिति को कूटनीतिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए, न कि सैन्य टकराव को और बढ़ाया जाए।

यूरोपीय नेताओं का मानना है कि ईरान के साथ सीधी लड़ाई पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकती है और इसके गंभीर वैश्विक परिणाम हो सकते हैं, खासकर ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में।

NATO में दरार के संकेत

ट्रंप के बयान के बाद NATO के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद सिर्फ एक युद्ध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अमेरिका और उसके सहयोगियों के बीच भरोसे में आई कमी को भी दर्शाता है।

अगर यह टकराव आगे बढ़ता है, तो NATO की एकजुटता और उसकी रणनीतिक भूमिका पर भी सवाल उठ सकते हैं।

वैश्विक असर बढ़ने की आशंका

ईरान के साथ बढ़ते इस संघर्ष का असर सिर्फ मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं है। तेल की कीमतों में उछाल, वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बढ़ती ध्रुवीकरण की स्थिति ने दुनिया भर की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

ऐसे में ट्रंप का आक्रामक बयान आने वाले समय में अमेरिका और NATO के रिश्तों को और तनावपूर्ण बना सकता है, जिसका असर वैश्विक सुरक्षा संतुलन पर भी पड़ सकता है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments