अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 18 मार्च 2026
पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि पूरी दुनिया की नजर इस क्षेत्र पर टिकी हुई है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस युद्ध के दुष्परिणाम अभी शुरू ही हुए हैं और आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं।
ईरान का कहना है कि अगर इस संघर्ष को नहीं रोका गया तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया प्रभावित होगी। खासकर तेल सप्लाई, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
जानकारी के मुताबिक, हाल ही में ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं तेज हुई हैं। खाड़ी क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण ठिकाने निशाने पर हैं। दुबई एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थानों को लेकर भी खतरे की आशंका जताई जा रही है, जिससे आम लोगों में डर का माहौल है।
अमेरिका और इजरायल की तरफ से भी कड़ा रुख अपनाया गया है। दोनों देशों का कहना है कि वे अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे। वहीं ईरान लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर दबाव बढ़ाया गया तो वह भी जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा।
सबसे ज्यादा चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है। यह दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग माना जाता है। अगर यहां तनाव बढ़ता है या रास्ता बंद होता है, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और आर्थिक संकट गहरा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष अगर लंबा खिंचता है, तो इसका असर आम आदमी की जिंदगी पर भी पड़ेगा। महंगाई बढ़ सकती है, व्यापार प्रभावित हो सकता है और वैश्विक शांति को बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। दुनिया के कई देश हालात पर नजर बनाए हुए हैं और कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह बातचीत के जरिए इस तनाव को कम किया जाए। लेकिन जमीन पर हालात अभी भी बेहद नाजुक बने हुए हैं।




