अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन/नई दिल्ली | 18 मार्च 2026
अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था में उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया जब नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर (NCTC) के निदेशक Joe Kent ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अपने इस्तीफे में उन्होंने साफ कहा कि वे “अच्छे विवेक” के साथ ईरान के खिलाफ जारी युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते।
जो केंट ने राष्ट्रपति Donald Trump को संबोधित अपने पत्र में लिखा कि ईरान अमेरिका के लिए कोई “तत्काल खतरा” नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि यह युद्ध इज़राइल और उसके प्रभावशाली अमेरिकी लॉबी के दबाव में शुरू किया गया, जो बेहद गंभीर आरोप माना जा रहा है।
अपने बयान में केंट ने कहा, “मैं इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकता। यह न तो अमेरिका के हित में है और न ही हमारे लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक।” उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि मिडिल ईस्ट की जंगें अमेरिका को लंबे समय से नुकसान पहुंचाती रही हैं—चाहे वह सैनिकों की जान हो या देश की आर्थिक स्थिति।
जो केंट ने अपने कार्यकाल के दौरान मिली जिम्मेदारियों के लिए आभार जताते हुए लिखा कि उन्हें राष्ट्रपति और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के साथ काम करना सम्मान की बात रही। उन्होंने NCTC के अधिकारियों और कर्मचारियों की भी सराहना की, जो आतंकवाद के खिलाफ लगातार काम कर रहे हैं।
इस इस्तीफे को अमेरिकी प्रशासन के भीतर बढ़ती असहमति के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि जो केंट को खुद ट्रंप प्रशासन ने ही इस पद पर नियुक्त किया था, और वे उनकी नीतियों के समर्थक माने जाते रहे हैं। ऐसे में उनका अचानक इस्तीफा देना और सीधे तौर पर युद्ध का विरोध करना कई सवाल खड़े कर रहा है।
ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पहले ही वैश्विक स्तर पर चिंता का कारण बनी हुई है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव, तेल आपूर्ति पर असर और कई देशों की सतर्क प्रतिक्रिया के बीच यह इस्तीफा अमेरिका की रणनीति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
फिलहाल व्हाइट हाउस की ओर से इस पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इतना साफ है कि जो केंट का इस्तीफा सिर्फ एक प्रशासनिक घटना नहीं, बल्कि अमेरिका की विदेश नीति और ईरान युद्ध को लेकर गहराते विवाद का संकेत बन गया है।




