राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 17 मार्च 2026
राज्यसभा में आज उस वक्त तीखी बहस देखने को मिली जब कांग्रेस के एक राज्यसभा सांसद ने भारत की विदेश नीति और इजरायल के साथ संबंधों को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा सवाल उठाया। सांसद ने सदन में कहा, “इजरायल हमारा ‘बापू’ कब से हो गया? यहूदी हमारे पूर्वज कब से हो गए?” उनके इस बयान से सदन में हलचल मच गई और सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।
कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के उस कथन का जिक्र किया, जिसमें इजरायल को “fatherland” कहा गया था। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की सभ्यता “वसुधैव कुटुंबकम्” की रही है, जहां पूरी दुनिया को एक परिवार माना जाता है, लेकिन किसी एक देश को “पूर्वजों की भूमि” बताना भारत की पारंपरिक सोच से मेल नहीं खाता।
उन्होंने आगे कहा कि भारत की अपनी एक स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति रही है, जिसमें सभी देशों के साथ समान संबंध बनाए रखने की परंपरा रही है। सांसद ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इस संतुलन को छोड़कर एक विशेष “ब्लॉक” की ओर झुकाव दिखा रही है, जो भारत के दीर्घकालिक हितों के खिलाफ हो सकता है।
सांसद ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा, “हमारे राम, कृष्ण, साधु-संत और ऋषि-मुनि पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक रहे हैं। भारत किसी एक देश या विचारधारा तक सीमित नहीं है।” उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि क्या भारत अब अपनी स्वतंत्र विदेश नीति से हटकर किसी खास धुरी का हिस्सा बन रहा है।
इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। बीजेपी सांसदों ने इस टिप्पणी को अनुचित बताते हुए विरोध दर्ज कराया, जबकि विपक्ष के कुछ सदस्यों ने इसे सरकार से जवाब मांगने का जायज तरीका बताया।
हालांकि, सरकार की ओर से इस मुद्दे पर विस्तृत जवाब अभी सामने नहीं आया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि भारत-इजरायल संबंध और विदेश नीति का सवाल अब संसद में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस पर और बहस तेज होने की संभावना है।




