नई दिल्ली | एबीसी नेशनल न्यूज | 16 मार्च 2026
संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी और रोजगार के अवसरों को लेकर अहम मुद्दा उठाया गया। बिहार से सांसद पप्पू यादव ने भारतीय रेलवे में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग करते हुए कहा कि देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक सेवा व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की जरूरत है।
लोकसभा में अपनी बात रखते हुए पप्पू यादव ने कहा कि भारतीय रेलवे देश के सबसे बड़े नियोक्ताओं में शामिल है, लेकिन इसमें महिला कर्मचारियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने तर्क दिया कि अगर रेलवे की विभिन्न सेवाओं और विभागों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाए तो इससे बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार मिलेगा और कार्यस्थलों पर लैंगिक संतुलन भी मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण और “नारी शक्ति” को आगे बढ़ाने की बात करती है, इसलिए रेलवे जैसे विशाल और महत्वपूर्ण क्षेत्र में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। पप्पू यादव के मुताबिक रेलवे में महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ने से यात्रियों, विशेषकर महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा में भी सुधार हो सकता है।
संसद में यह मुद्दा ऐसे समय उठाया गया है जब देश में महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का कानून पहले ही पारित किया जा चुका है। ऐसे में कई सांसदों का मानना है कि रोजगार के क्षेत्र में भी महिलाओं को इसी तरह के अवसर दिए जाने चाहिए।
हालांकि सरकार की ओर से इस मांग पर तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, लेकिन संसद में उठे इस मुद्दे ने रेलवे में महिलाओं की भागीदारी और रोजगार नीति को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रेलवे में महिलाओं के लिए विशेष भर्ती अभियान या आरक्षण व्यवस्था लागू होती है तो इससे देश में महिला रोजगार को बड़ा प्रोत्साहन मिल सकता है।




