एबीसी नेशनल न्यूज | भुवनेश्वर | 16 मार्च 2026
ओडिशा में आज राज्यसभा की चार सीटों के लिए मतदान के दौरान क्रॉस-वोटिंग की आशंकाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। चुनाव में जहां बीजू जनता दल के समर्थन से उम्मीदवार Dr. Datteshwar Hota मैदान में हैं, वहीं भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार Dilip Ray की उम्मीदवारी को लेकर विपक्षी खेमे में खासा तनाव देखा जा रहा है।
कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर बीजद समर्थित उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता को समर्थन देने का फैसला किया है। हालांकि पार्टी को आशंका है कि उसके कुछ विधायक निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग कर सकते हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक दिलीप रे को जीत के लिए विपक्षी खेमे से अतिरिक्त वोटों की जरूरत बताई जा रही है, इसलिए क्रॉस-वोटिंग की चर्चा तेज हो गई है।
कांग्रेस के पास राज्य विधानसभा में कुल 14 विधायक हैं। पार्टी नेतृत्व ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए पहले उन्हें भुवनेश्वर से बाहर ले जाकर बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में ठहराया था, ताकि किसी तरह की राजनीतिक तोड़फोड़ या दबाव की स्थिति से बचा जा सके।
कांग्रेस सांसद Saptagiri Ulaka ने आरोप लगाया है कि भाजपा समर्थित लोगों ने कांग्रेस विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश की। उनका दावा है कि कुछ लोगों ने विधायकों को कथित तौर पर बड़ी रकम का लालच दिया। उलाका के मुताबिक कर्नाटक पुलिस ने जांच के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों से खाली चेक भी बरामद किए हैं, हालांकि इन आरोपों पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे पहले केंद्र सरकार में कोयला राज्यमंत्री रह चुके हैं। वे 1999 में झारखंड के ब्रह्मडीहा कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़े मामले में 2020 में विशेष अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए थे। हालांकि बाद में उनकी सजा पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी, जिसके बाद वे चुनाव लड़ने के लिए पात्र हो गए।
इस बीच कांग्रेस के कुछ विधायकों—जिनमें Sofia Firdous, Dasharathi Gamango और Ramesh Jena के नाम चर्चा में आए हैं—को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि अब तक किसी भी विधायक के क्रॉस-वोटिंग करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राज्यसभा चुनाव की मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना के साथ ही स्थिति साफ होगी कि क्या किसी दल के विधायकों ने पार्टी लाइन के खिलाफ वोट किया या नहीं। यदि क्रॉस-वोटिंग होती है तो यह ओडिशा की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जाएगा और कांग्रेस के लिए यह एक गंभीर राजनीतिक झटका साबित हो सकता है।




