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“100% मुआवजा और अमेरिकी सेना की वापसी के बिना युद्ध नहीं रुकेगा” — ईरान की कड़ी चेतावनी; यूएई के नागरिकों को बंदरगाहों से दूर रहने को कहा

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एबीसी नेशनल न्यूज | तेहरान / अबू धाबी | 14 मार्च 2026

मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान की ओर से तीखे और आक्रामक बयान सामने आए हैं। ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) से जुड़े वरिष्ठ नेता Mohsen Rezaei ने स्पष्ट कहा है कि युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला ईरान करेगा और तब तक कोई समझौता संभव नहीं है जब तक अमेरिका ईरान को हुए नुकसान का पूरा मुआवजा नहीं देता।

मोहसेन रेजाई ने कहा कि ईरान तभी युद्ध समाप्त करने पर विचार करेगा जब अमेरिका ईरान को युद्ध से हुए सभी नुकसानों का पूरा भुगतान करे और भविष्य के लिए ठोस तथा शत-प्रतिशत सुरक्षा गारंटी दे। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी किसी भी गारंटी की कल्पना तब तक संभव नहीं है जब तक अमेरिका फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र से अपनी सैन्य मौजूदगी समाप्त नहीं करता। उनके इस बयान को क्षेत्र में अमेरिका के प्रभाव को सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

इसी बीच ईरानी सेना के प्रवक्ता ने United Arab Emirates के नागरिकों के लिए भी कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात के लोग तुरंत उन इलाकों से दूर चले जाएं जहां अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं, विशेष रूप से बंदरगाहों, जहाजों के ठहराव वाले स्थानों और सैन्य गतिविधियों वाले क्षेत्रों से दूरी बना लें।

ईरानी सेना के प्रवक्ता के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने और उनसे जुड़े ठिकाने संभावित सैन्य कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। ऐसे में आम नागरिकों को अपनी सुरक्षा के लिए उन स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

मध्य-पूर्व के जानकारों का मानना है कि ईरान के इन बयानों से यह संकेत मिल रहा है कि क्षेत्र में सैन्य तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की खाड़ी क्षेत्र में बड़ी सैन्य मौजूदगी है, जबकि ईरान लगातार इसे अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बताता रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां इसी तरह जारी रहीं तो खाड़ी क्षेत्र में टकराव और तेज हो सकता है, जिसका असर न केवल मध्य-पूर्व बल्कि वैश्विक राजनीति, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।

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