एबीसी नेशनल न्यूज | गुवाहाटी/नई दिल्ली | 14 मार्च
असम विधानसभा चुनाव अप्रैल में होने वाले हैं, लेकिन राजनीतिक जंग अब चरम पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एआईसीसी मीडिया चेयरमैन पवन खेड़ा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि खेड़ा असम के कुछ मिलिटेंट संगठनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे ताकि चुनाव के नतीजों को प्रभावित किया जा सके। सरमा ने गुरुवार को गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया, “पवन खेड़ा के नाम पर 3-4 केस पहले से दर्ज हैं, जहां वे असम के कुछ मिलिटेंट संगठनों से संपर्क करके चुनाव परिणाम प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। जांच चल रही है। चुनाव के बाद पता चलेगा कि कौन जेल जाएगा। मुझे लगता है कि पवन खेड़ा का अंतिम पता असम की जेल ही होगा।” यह आरोप ऐसे समय में आया है जब पवन खेड़ा ने पिछले कुछ दिनों में सरमा पर जमकर हमला बोला था। खेड़ा ने सरमा को “स्वतंत्र भारत के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री” बताया था और दावा किया था कि चुनाव के नतीजे आने के कुछ हफ्तों में सरमा जेल में होंगे। खेड़ा ने सरमा के परिवार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, जमीन हड़पने और पावर का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था, “हर एक गलत काम, भ्रष्टाचार, गलत तरीके से कमाया पैसा – यह आदमी चुनाव के बाद जेल में होगा। इसे लिखकर ले लीजिए।” खेड़ा ने सरमा की सरकार की हालिया योजनाओं जैसे महिलाओं को 9,000 रुपये की मदद और अन्य घोषणाओं को “आखिरी समय की परीक्षा की तैयारी” जैसा बताया था, जो चुनावी हार से डर के कारण की जा रही हैं।
सरमा ने इन आरोपों का जवाब देते हुए खेड़ा को सीधे मिलिटेंट्स से जोड़ा है। असम पुलिस ने इन मामलों में 3-4 FIR दर्ज की हैं, हालांकि पुलिस ने अभी तक सार्वजनिक रूप से इन FIRs की डिटेल्स नहीं जारी की हैं। सरमा ने कहा कि जांच जारी है और चुनाव के बाद असली सच्चाई सामने आएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आरोप सरमा की रणनीति का हिस्सा है, जहां वे राष्ट्रीय सुरक्षा और मिलिटेंसी जैसे मुद्दों को उठाकर कांग्रेस के हमलों का जवाब दे रहे हैं। असम में 2023 के डेलिमिटेशन के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है, और भाजपा सत्ता बचाने के लिए हर मोर्चे पर आक्रामक है।
दूसरी तरफ, कांग्रेस इसे सरमा का ध्यान भटकाने का तरीका बता रही है। खेड़ा ने पहले भी सरमा पर पाकिस्तान और अलगाववादियों से जुड़ने का आरोप लगाया था, लेकिन अब सरमा ने पलटवार में खेड़ा को ही मिलिटेंट्स से जोड़ दिया है। कांग्रेस का कहना है कि सरमा भ्रष्टाचार के सवालों से बचने के लिए ऐसे गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जिनमें कोई ठोस सबूत नहीं है। खेड़ा ने गुजरात मॉडल, 500 करोड़ के प्रचार खर्च और अन्य घोटालों का जिक्र करते हुए सरमा को चुनौती दी थी कि वे इनका जवाब दें।
यह विवाद सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैल रहा है। कई जगहों पर सरमा के बयान को शेयर किया जा रहा है, जहां वे खेड़ा को जेल की चेतावनी दे रहे हैं। कांग्रेस समर्थक इसे सरमा का डर बता रहे हैं, जबकि बीजेपी इसे कांग्रेस की साजिश कह रही है। असम पुलिस की जांच अब निर्णायक होगी – अगर आरोप साबित हुए तो कांग्रेस के लिए बड़ा झटका, और अगर नहीं तो सरमा की विश्वसनीयता पर सवाल। फिलहाल, दोनों नेता एक-दूसरे पर हमले तेज कर रहे हैं, और असम की सियासत में यह जंग चुनाव तक चलने वाली लग रही है।




