एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 5 मार्च 2026
चालू वित्त वर्ष के लिए एडवांस टैक्स जमा करने की अंतिम तारीख 15 मार्च तय की गई है। आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक जिन लोगों की पूरे साल की कुल टैक्स देनदारी 10 हजार रुपये से अधिक बनती है, उन्हें एडवांस टैक्स देना अनिवार्य होता है। एडवांस टैक्स का मतलब है कि पूरे साल का टैक्स एक साथ देने के बजाय उसे साल के दौरान अलग-अलग किस्तों में पहले ही जमा किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति तय समय सीमा तक एडवांस टैक्स जमा नहीं करता है तो आयकर कानून के तहत उस पर अतिरिक्त ब्याज और पेनल्टी लग सकती है।
आमतौर पर एडवांस टैक्स उन लोगों को देना होता है जिनकी आय केवल नौकरी तक सीमित नहीं होती बल्कि अन्य स्रोतों से भी कमाई होती है। इसमें कारोबारी, फ्रीलांसर, डॉक्टर, वकील, कंसल्टेंट जैसे पेशेवर, किराये से आय प्राप्त करने वाले लोग, शेयर बाजार या अन्य निवेश से मुनाफा कमाने वाले व्यक्ति शामिल हैं। इसके अलावा अगर किसी आदमी को बैंक एफडी के ब्याज या किसी अन्य माध्यम से अतिरिक्त आय होती है और उस पर बनने वाला टैक्स 10 हजार रुपये से ज्यादा है, तो उसे भी एडवांस टैक्स देना जरूरी होता है। हालांकि 60 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे वरिष्ठ नागरिक जिन्हें किसी तरह का व्यापार या पेशे से आय नहीं होती, उन्हें एडवांस टैक्स देने से छूट दी गई है।
आयकर विभाग के अनुसार यदि कोई व्यक्ति 15 मार्च तक एडवांस टैक्स जमा नहीं करता है या निर्धारित राशि से कम टैक्स भरता है, तो उस पर आयकर अधिनियम की धारा 234B और 234C के तहत ब्याज लगाया जा सकता है। यह ब्याज हर महीने लगभग एक प्रतिशत तक हो सकता है। ऐसे में जिन लोगों की आय पर ज्यादा टैक्स बनता है, उन्हें समय रहते एडवांस टैक्स जमा कर देना चाहिए ताकि बाद में किसी तरह की पेनल्टी या अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचा जा सके।




