एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 5 मार्च 2026
पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए रूस ने बड़ा कदम उठाया है। रूस ने भारत को करीब 95 लाख बैरल कच्चा तेल उपलब्ध कराने की तैयारी जताई है, जिससे वैश्विक बाजार में संभावित आपूर्ति संकट के बावजूद भारत की तेल आपूर्ति प्रभावित न हो।
मध्य-पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। ऐसे में रूस ने भारत को भरोसा दिलाया है कि यदि खाड़ी क्षेत्र से तेल की आपूर्ति प्रभावित होती है, तो वह अतिरिक्त मात्रा में कच्चा तेल देकर भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहयोग करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस का यह प्रस्ताव भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। भारत पहले से ही रूस से बड़ी मात्रा में रियायती दरों पर कच्चा तेल आयात कर रहा है, जिससे घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव कम रखने में मदद मिली है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। ऐसे हालात में रूस जैसे वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता भारत के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।
भारत सरकार भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए विभिन्न देशों के साथ समन्वय कर रही है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी पर किसी तरह का अतिरिक्त बोझ न पड़े।




