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व्यापार असंतुलन के बीच चीन-जर्मनी रिश्तों को रीसेट करने की कोशिश, बीजिंग में अहम वार्ता

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एबीसी नेशनल न्यूज | बीजिंग | 25 फरवरी 2026

रिश्तों को नई दिशा देने के उद्देश्य से दौरा

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने बीजिंग पहुंचकर चीन के साथ संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश शुरू की है। उनकी इस यात्रा को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन लगातार बढ़ता जा रहा है और यूरोप-चीन आर्थिक संबंधों में अनिश्चितता बनी हुई है। मर्ज और चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने वार्ता के दौरान सहयोग को गहरा करने और संवाद को मजबूत बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई, जिससे संकेत मिला कि दोनों देश आर्थिक मतभेदों के बावजूद रिश्तों को स्थिर बनाए रखना चाहते हैं। जर्मनी और चीन के बीच बढ़ता व्यापार घाटा इस दौरे का केंद्रीय मुद्दा रहा। जर्मनी लंबे समय से चीन के साथ अधिक संतुलित व्यापार, बाजार तक बेहतर पहुंच और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की मांग करता रहा है। जर्मन उद्योगों को आशंका है कि सस्ते चीनी उत्पादों के कारण यूरोपीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा असंतुलित हो रही है, जबकि चीन अपने निर्यात आधारित आर्थिक मॉडल को बनाए रखना चाहता है। ऐसे में वार्ता का फोकस व्यापारिक बाधाओं को कम करने और निवेश के लिए पारदर्शी माहौल बनाने पर रहा।

औद्योगिक और तकनीकी सहयोग पर जोर

दोनों पक्षों ने औद्योगिक सहयोग, हरित ऊर्जा, ऑटोमोबाइल और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर भी चर्चा की। जर्मनी की तकनीकी क्षमता और चीन की विनिर्माण शक्ति को पूरक मानते हुए निवेश और संयुक्त परियोजनाओं के विस्तार की संभावनाओं पर विचार किया गया। इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी तकनीक और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए हरित उद्योगों में सहयोग को भविष्य के रिश्तों का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।

भूराजनैतिक चुनौतियों के बीच संतुलन की कोशिश

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक राजनीति में अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा, सप्लाई चेन सुरक्षा और यूरोपीय रणनीतिक स्वायत्तता जैसे मुद्दे तेजी से उभर रहे हैं। जर्मनी एक ओर आर्थिक हितों को सुरक्षित रखना चाहता है तो दूसरी ओर यूरोपीय संघ की सामूहिक रणनीति और सुरक्षा चिंताओं को भी ध्यान में रख रहा है। इसी कारण मर्ज की यात्रा को सहयोग और सावधानी के बीच संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

आर्थिक स्थिरता और संवाद बनाए रखने का संदेश

वार्ता से यह संकेत मिला कि मतभेदों के बावजूद दोनों देश आर्थिक स्थिरता और संवाद बनाए रखने के पक्षधर हैं। वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाओं और सप्लाई चेन में व्यवधान के बीच चीन-जर्मनी सहयोग को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों बल्कि यूरोप-चीन आर्थिक समीकरणों के भविष्य के लिए भी अहम माना जा रहा है।

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