एबीसी नेशनल न्यूज | न्यूयॉर्क | 25 फरवरी 2026
चार साल बाद भी जारी है मानवीय संकट
संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने रूस-यूक्रेन युद्ध के चार साल पूरे होने पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह संघर्ष अब भी “मानवता के सामूहिक विवेक पर एक धब्बा” बना हुआ है। उन्होंने एक बार फिर तत्काल युद्धविराम और शांतिपूर्ण समाधान की अपील करते हुए कहा कि लगातार हिंसा से आम नागरिकों की पीड़ा बढ़ती जा रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को शांति बहाली के लिए अधिक प्रयास करने चाहिए।
नागरिक हताहतों के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
गुटेरेस ने बताया कि युद्ध की शुरुआत से अब तक यूक्रेन में 15 हजार से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 41 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इन आंकड़ों में लगभग 3,200 बच्चों के घायल होने या प्रभावित होने की जानकारी भी शामिल है, जिसे उन्होंने बेहद चिंताजनक बताया। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार बुनियादी ढांचे पर हमलों और लगातार लड़ाई ने लाखों लोगों के जीवन को सीधे प्रभावित किया है।
शांति वार्ता और मानवीय सहायता पर जोर
महासचिव ने कहा कि युद्ध के कारण विस्थापन, ऊर्जा संकट और खाद्य सुरक्षा जैसी समस्याएं और गंभीर हो गई हैं। उन्होंने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संवाद के माध्यम से समाधान खोजने की अपील की। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी दोहराया कि मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण प्रयासों को बिना बाधा जारी रखना आवश्यक है।
वैश्विक प्रभाव और कूटनीतिक प्रयास
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय से जारी इस युद्ध का असर केवल यूरोप तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों, खाद्य आपूर्ति और सुरक्षा समीकरणों पर भी पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र लगातार मध्यस्थता और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है, हालांकि जमीन पर संघर्ष की स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
युद्धविराम की अपील दोहराई
गुटेरेस ने अपने बयान में कहा कि स्थायी शांति के लिए युद्धविराम और गंभीर वार्ता ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होकर संघर्ष को समाप्त करने और प्रभावित लोगों की मदद बढ़ाने की अपील की। फिलहाल युद्ध के चार साल बाद भी स्थिति सामान्य होने के संकेत सीमित हैं और दुनिया की नजर संभावित कूटनीतिक पहल पर टिकी हुई है।




