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तानाशाही है यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी : मल्लिकार्जुन खड़गे

एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 24 फरवरी 2026

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीधे तौर पर इसे “तानाशाही” करार दिया है। खड़गे का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध के बाद की गई यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने और विपक्षी आवाजों को डराने की कोशिश है। इसी आरोप और तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया ने इस गिरफ्तारी को महज कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रहने दिया, बल्कि इसे लोकतंत्र बनाम दमन की बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है।

एआई इम्पैक्ट समिट में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद उदय भानु चिब की गिरफ्तारी ने देश की सियासत में बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार किया है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध संविधान प्रदत्त अधिकार है, लेकिन केंद्र सरकार असहमति की आवाज को दबाने के लिए पुलिस और एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। पार्टी के मुताबिक यह गिरफ्तारी असंवैधानिक और डराने की राजनीति का हिस्सा है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि देश का युवा बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से परेशान है, जिसके कारण उसका आक्रोश स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज सुनने के बजाय सरकार उन्हें निशाना बना रही है और विरोध को अपराध की तरह पेश किया जा रहा है।

खड़गे ने केंद्र सरकार की आर्थिक और विदेश नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों में किसानों और देश के हितों से समझौता किया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस को डराने की कोशिशें बेकार साबित होंगी और पार्टी लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

राहुल गांधी ने भी गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध भारत की लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निडर होकर देशहित में सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतियों पर उठ रहे सवालों से घबराकर सरकार दमन का रास्ता अपना रही है।

कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि सत्ता को सच का आईना दिखाना देशभक्ति है, अपराध नहीं। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को “बब्बर शेर” बताते हुए कहा कि सच और संविधान की लड़ाई किसी भी दबाव में नहीं रुकेगी।

पार्टी ने बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष में रहते हुए अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान विरोध को जायज़ बताया जाता था, जबकि अब उसी विरोध को देशविरोधी करार दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान कुछ यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारे लिखी टी-शर्ट के साथ विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में युवाओं, बेरोजगारी और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बड़े राजनीतिक टकराव का रूप ले सकता है।

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