एबीसी नेशनल न्यूज | हैदराबाद | 22 फरवरी 2026
तेजी से बढ़ते शहरीकरण और पार्किंग की समस्या से जूझते महानगरों के बीच तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद ने एक नई मिसाल पेश की है। नामपल्ली क्षेत्र में देश की पहली पूरी तरह ऑटोमैटिक पार्किंग सुविधा शुरू की गई है, जो आधुनिक तकनीक और स्मार्ट शहरी प्रबंधन का अनूठा उदाहरण मानी जा रही है। बहुमंजिला इस पार्किंग ढांचे में बिना मानव हस्तक्षेप के वाहन सुरक्षित रूप से पार्क और वापस प्राप्त किए जा सकते हैं।
करीब 10 मंजिलों में फैली इस स्वचालित पार्किंग में लगभग 250 कारों और 200 दोपहिया वाहनों को खड़ा करने की क्षमता है। पार्किंग के लिए कारों का शुल्क 30 रुपये प्रति घंटा और दोपहिया का 10 रुपये प्रति घंटा निर्धारित किया गया है। पार्किंग परियोजना पर लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत आई है और इसे शहर में बढ़ती पार्किंग मांग को देखते हुए विकसित किया गया है।
इस प्रणाली में वाहन चालक को प्रवेश के समय एक क्यूआर कोड आधारित स्मार्ट कार्ड दिया जाता है। चालक को केवल वाहन को टर्नटेबल प्लेटफॉर्म पर खड़ा कर हैंडब्रेक लगाना होता है, जिसके बाद पूरी प्रक्रिया सेंसर, रोबोटिक लिफ्ट और स्वचालित मैकेनिज्म के जरिए पूरी हो जाती है। वाहन को उसके आकार के अनुसार उपयुक्त स्लॉट में सुरक्षित रखा जाता है और वाहन वापस लेने के लिए कार्ड स्कैन करते ही कार प्लेटफॉर्म पर स्वतः पहुंच जाती है।
अधिकारियों के अनुसार वाहन को पार्क करने में एक मिनट से भी कम समय लगता है, जबकि वापस प्राप्त करने में लगभग दो मिनट का समय लगता है। यह प्रणाली जमीन की कम उपलब्धता वाले क्षेत्रों में अधिक वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा करने का प्रभावी समाधान मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली और मुंबई में मौजूद कुछ पार्किंग ढांचे प्लेटफॉर्म आधारित हैं, लेकिन हैदराबाद की यह व्यवस्था जमीन के भीतर विकसित पिट तकनीक और पूरी तरह स्वचालित संचालन के कारण अलग और अधिक उन्नत मानी जा रही है। इससे न केवल ट्रैफिक जाम और अवैध पार्किंग की समस्या कम होगी, बल्कि शहर के व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में यातायात प्रबंधन भी बेहतर होगा।
नगर प्रशासन का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है तो भविष्य में शहर के अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी इसी तरह की स्वचालित पार्किंग परियोजनाएं विकसित की जा सकती हैं, जिससे शहरी परिवहन व्यवस्था को दीर्घकालिक राहत मिल सकेगी।




