एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली/इंफाल | 21 फरवरी 2026
सोशल मीडिया पर हाल के दिनों में एक दावा तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कहा गया कि मणिपुर सरकार ने ₹500 की अलग स्थानीय करेंसी जारी कर दी है। इस दावे को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई। हालांकि फैक्ट-चेक में यह दावा पूरी तरह भ्रामक और निराधार पाया गया है।
फैक्ट-चेक रिपोर्ट के अनुसार, मणिपुर सरकार या किसी भी आधिकारिक एजेंसी द्वारा अलग ₹500 मुद्रा जारी किए जाने का कोई आदेश या घोषणा नहीं की गई है। भारत में करेंसी जारी करने का अधिकार केवल भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और केंद्र सरकार के पास होता है, इसलिए किसी राज्य सरकार द्वारा अलग मुद्रा जारी करना संभव नहीं है।
जांच में पाया गया कि वायरल पोस्ट में इस्तेमाल की गई तस्वीरें और ग्राफिक्स भ्रामक तरीके से तैयार किए गए थे, जिससे लोगों को यह विश्वास दिलाया जा सके कि नई करेंसी जारी हो चुकी है। कई यूजर्स ने बिना सत्यापन के इस दावे को शेयर किया, जिससे अफवाह और तेजी से फैल गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक और मुद्रा से जुड़े मामलों में गलत सूचना तेजी से घबराहट और भ्रम पैदा कर सकती है। पहले भी ₹500 नोट को बंद करने या बदलने से जुड़े कई दावे वायरल हुए, जिन्हें सरकारी फैक्ट-चेक एजेंसियों ने फर्जी बताया है और स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है।
फैक्ट-चेक में लोगों से अपील की गई है कि मुद्रा या सरकारी नीतियों से जुड़ी किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि जरूर करें। बिना सत्यापन के ऐसे दावे साझा करने से अनावश्यक भ्रम और अफवाह फैल सकती है।
निष्कर्ष: मणिपुर में ₹500 की अलग करेंसी जारी किए जाने का दावा पूरी तरह फर्जी है। देश में प्रचलित मुद्रा वही है जो RBI द्वारा जारी की जाती है, और इस संबंध में किसी नई राज्य स्तरीय मुद्रा की घोषणा नहीं हुई है।




