एबीसी नेशनल न्यूज | 16 जनवरी 2026
भारतीय पूंजी बाजार को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। सेबी (SEBI) के चेयरमैन तुहिन कांता पांडेय ने कहा है कि भारत अब दुनिया में सबसे ज्यादा IPO (Initial Public Offering) लाने वाला देश बन चुका है, जबकि IPO के कुल मूल्य के लिहाज से भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि भारत की तेजी से मजबूत होती अर्थव्यवस्था और निवेशकों के बढ़ते भरोसे को साफ तौर पर दिखाती है।
सेबी चेयरमैन ने कहा कि आज भारत के कैपिटल मार्केट आर्थिक विकास को फंड करने में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। पहले जहां कंपनियां केवल बैंकों पर निर्भर रहती थीं, अब वे शेयर बाजार के जरिए सीधे आम निवेशकों से पूंजी जुटा रही हैं। इससे न सिर्फ कंपनियों को विस्तार का मौका मिल रहा है, बल्कि आम लोगों को भी देश की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिल रहा है।
तुहिन कांता पांडेय के अनुसार, भारत में IPO की बढ़ती संख्या यह बताती है कि स्टार्टअप्स, मिड-साइज और बड़ी कंपनियां शेयर बाजार को भरोसेमंद मंच मान रही हैं। मजबूत रेगुलेटरी सिस्टम, पारदर्शिता, डिजिटल ट्रेडिंग और निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने भारतीय बाजार को वैश्विक स्तर पर आकर्षक बना दिया है। विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी भी लगातार बढ़ रही है, जो भारत को एक स्थिर और भरोसेमंद निवेश गंतव्य मानते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पूंजी बाजार की मजबूती का सीधा असर रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास पर पड़ता है। IPO के जरिए जुटाई गई पूंजी से कंपनियां नए प्रोजेक्ट शुरू करती हैं, टेक्नोलॉजी में निवेश करती हैं और नए रोजगार पैदा होते हैं। इस तरह शेयर बाजार केवल मुनाफे का जरिया नहीं, बल्कि देश के समग्र आर्थिक विकास का मजबूत स्तंभ बन चुका है।
सेबी चेयरमैन ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत का कैपिटल मार्केट और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि सेबी का फोकस निवेशकों की सुरक्षा, बाजार की पारदर्शिता और कॉरपोरेट गवर्नेंस को और बेहतर बनाने पर रहेगा, ताकि भारत वैश्विक वित्तीय मानचित्र पर और ऊंचा स्थान हासिल कर सके।




