एबीसी न्यूज | अलीगढ़ / देहरादून | 7 जनवरी 2026
लूट–गुंडागर्दी–अतिक्रमण का काला साम्राज्य
माफिया खालिद हसन खां उर्फ पप्पू और उसके बहनोई रफत अली के खिलाफ कार्रवाई अब सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रही। जांच के दौरान देहरादून सहित उत्तराखंड में भी कुछ संदिग्ध और अवैध संपत्तियों का पता चला है। सूत्रों के मुताबिक, इन संपत्तियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज अलीगढ़ के एसएसपी कार्यालय द्वारा उत्तराखंड पुलिस को भेज दिए गए हैं। अब सवाल यह है कि उत्तराखंड में इन संपत्तियों पर कार्रवाई कितनी तेजी से होती है, क्योंकि बीते वर्षों में माफिया पप्पू और रफत अली कानूनी तिकड़मों के सहारे बार-बार शिकंजे से बचते रहे हैं। अब बचने की गुंजाइश लगातार खत्म होती दिख रही है। वर्षों से लूट, रंगदारी, गुंडागर्दी, जमीन धोखाधड़ी और अवैध कब्जों के दम पर खड़ा किया गया हिस्ट्रीशीटर माफिया पप्पू का काला साम्राज्य कानून के सामने बिखर चुका है। उत्तर प्रदेश पुलिस और जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पप्पू और रफत अली की करीब ₹3.17 करोड़ की अवैध संपत्तियां कुर्क कर दी हैं। यह कार्रवाई साफ संकेत है कि अब आधे-अधूरे कदम नहीं, जड़ से उखाड़ने की रणनीति पर काम हो रहा है।
26 मुकदमों वाला हिस्ट्रीशीटर, डर और दबंगई का पूरा नेटवर्क
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, खालिद हसन खां उर्फ पप्पू कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि घोषित हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ जमीन धोखाधड़ी, अवैध कब्जा, रंगदारी, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में करीब 26 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। जांच में सामने आया कि उसने अपराध से अर्जित धन को रिश्तेदारों और परिजनों के नाम पर संपत्तियों में निवेश किया, ताकि कानून से बचा जा सके। लेकिन अब वही नेटवर्क एक-एक कर बेनकाब हो रहा है।
कुर्क संपत्तियों का ब्योरा और प्रशासन की सख्ती
सिविल लाइंस क्षेत्र में पप्पू के नाम पर दर्ज एक प्लॉट (करीब ₹50 लाख), 130 वर्ग मीटर का दूसरा प्लॉट (करीब ₹85 लाख), बहनोई रफत अली के नाम पर कीमती अचल संपत्तियां और पप्पू की पत्नी के नाम दर्ज वाहन को जब्त किया गया है। यह कार्रवाई यूपी गैंगस्टर एंड एंटी सोशल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट 1986 की धारा 14(1) के तहत की गई। थाना क्वार्सी, अलीगढ़ में दर्ज गैंगस्टर केस के तहत डीएम की अनुमति से मौके पर कुर्की बोर्ड लगाए गए और माइक से सार्वजनिक घोषणा कराई गई।
उत्तराखंड में भी कार्रवाई की तैयारी, देरी पर सवाल
देहरादून और उत्तराखंड में सामने आई संपत्तियों को लेकर अब गेंद वहां की पुलिस और प्रशासन के पाले में है। अलीगढ़ पुलिस द्वारा दस्तावेज साझा किए जाने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उत्तराखंड में भी ठोस कार्रवाई होगी। हालांकि, यह भी सच है कि माफिया पप्पू और रफत अली लंबे समय तक कानूनी पेचों और राजनीतिक सिफारिशों के सहारे बचते रहे हैं, इसलिए कार्रवाई की गति पर सवाल उठ रहे हैं।
योगी–धामी सरकार का साफ संदेश: अपराधियों के लिए कोई रहम नहीं
योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी सरकारें अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपना चुकी हैं। योगी शासनकाल में रिकॉर्ड स्तर पर अपराधियों पर कार्रवाई, संपत्ति कुर्की और एनकाउंटर हुए हैं। उत्तराखंड में भी धामी सरकार अपराधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है। दोनों राज्यों की सरकारें यह स्पष्ट कर चुकी हैं कि अपराधियों के लिए न सीमा मायने रखेगी, न रसूख।
कानून का शिकंजा और कसेगा
पूरी तस्वीर अब साफ होती जा रही है। यूपी के बाद उत्तराखंड में भी माफिया पप्पू और रफत अली के अवैध साम्राज्य पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। सवाल सिर्फ समय का है। लेकिन इतना तय है कि कानून का शिकंजा लगातार कस रहा है और देर-सबेर माफिया नेटवर्क का हर ठिकाना बुलडोज़र और सील की जद में आएगा। संदेश एक ही है—अब तिकड़म नहीं, सिर्फ कानून चलेगा।





