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ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नजर से यूरोप में चिंता

अंतरराष्ट्रीय डेस्क 8 जनवरी 2026

यूरोप में एक नई बेचैनी दिखाई देने लगी है। फ्रांस और जर्मनी सहित कई सहयोगी देश इस बात पर करीबी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं कि अगर अमेरिका ने सच में ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने की धमकी पर अमल किया, तो उसका जवाब कैसे दिया जाए। यह चिंता सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं से जुड़ी बताई जा रही है। यूरोपीय देशों को डर है कि ग्रीनलैंड जैसे रणनीतिक रूप से अहम इलाके को लेकर अमेरिका का रुख यूरोप की सुरक्षा, संप्रभुता और भू-राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। ग्रीनलैंड भले ही भौगोलिक रूप से दूर हो, लेकिन उसकी स्थिति, प्राकृतिक संसाधन और आर्कटिक क्षेत्र में उसकी भूमिका उसे बेहद संवेदनशील बनाती है।

फ्रांस और जर्मनी के साथ-साथ अन्य यूरोपीय सहयोगी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि कूटनीतिक, राजनीतिक और रणनीतिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाएं, ताकि किसी भी एकतरफा अमेरिकी कार्रवाई का सामना किया जा सके। इन चर्चाओं में यह भी देखा जा रहा है कि नाटो और यूरोपीय संघ जैसे मंचों की भूमिका क्या हो सकती है।

यूरोपीय नेताओं का मानना है कि अगर ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ता है, तो यह सिर्फ अमेरिका और डेनमार्क का मामला नहीं रहेगा, बल्कि पूरे यूरोप की सामूहिक सुरक्षा और प्रभाव से जुड़ा मुद्दा बन जाएगा। यही वजह है कि इस पर पर्दे के पीछे गंभीर बातचीत चल रही है।

कुल मिलाकर, ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों ने यूरोप को सतर्क कर दिया है। अब यह साफ दिख रहा है कि यूरोपीय देश किसी भी संभावित अमेरिकी कदम के लिए पहले से तैयारी करना चाहते हैं, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी संतुलन बना रहे।

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