एबीसी डेस्क 21 दिसंबर 2025
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के असम और पूर्वोत्तर को लेकर दिए गए बयान ने राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। शनिवार, 19 दिसंबर 2025 को गुवाहाटी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों के एजेंडे में न तो असम था और न ही पूरा पूर्वोत्तर, बल्कि कांग्रेस असम को ईस्ट पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की साजिश कर रही थी।
प्रधानमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस नेता और एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह अलवर ने इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए लिखा—“कोई प्रधानमंत्री इतना गैर-जिम्मेदार बयान कैसे दे सकता है?”
जितेंद्र सिंह अलवर ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ही असम और पूरे पूर्वोत्तर में शांति बहाल हुई। असम समझौता हुआ, नॉर्थ ईस्ट के राज्यों ने भरोसे के साथ भारत का अभिन्न हिस्सा बनना स्वीकार किया और वर्षों से चल रहा नस्ली संघर्ष खत्म हुआ। उनके मुताबिक, यह सब कांग्रेस की राष्ट्रहित में की गई नीतियों और प्रयासों की वजह से संभव हो पाया।
उन्होंने मौजूदा हालात की ओर इशारा करते हुए कहा कि बीजेपी शासन में मणिपुर कई वर्षों से अशांत है। वहां स्थानीय समुदायों के बीच तनाव चरम पर है और हालात संभलने का नाम नहीं ले रहे। साथ ही उन्होंने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि भारत में घुसपैठ की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इतनी गंभीर विफलताओं के बावजूद सरकार को शर्म नहीं आना दुखद है। उनका आरोप है कि असल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इतिहास को तोड़-मरोड़ कर बयान दिए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के बयान और कांग्रेस की प्रतिक्रिया के बाद असम और पूर्वोत्तर को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। एक तरफ बीजेपी कांग्रेस पर देशविरोधी साजिशों का आरोप लगा रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस सरकार की मौजूदा नीतियों और हालात पर सवाल उठा रही है। अब यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमाने के आसार हैं




