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आसमान में इंसानियत : डॉ. अंजलि ने फ्लाइट में CPR देकर 34 वर्षीय अमेरिकी महिला को दी नई ज़िंदगी

एबीसी डेस्क 14 दिसंबर 2025

एक ऐसे समय में जब सार्वजनिक जीवन में संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों पर अक्सर सवाल उठते हैं, डॉ. अंजलि हेमंत निम्बालकर ने अपने साहस, त्वरित निर्णय और पेशेवर प्रतिबद्धता से इंसानियत की एक मिसाल पेश की है। गोवा से नई दिल्ली जा रही इंडिगो फ्लाइट में जब एक 34 वर्षीय अमेरिकी महिला यात्री अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी और उसकी नब्ज बेहद कमजोर हो गई, तब डॉ. अंजलि ने बिना एक पल गंवाए स्थिति को संभाला और मौके पर ही CPR देकर उसकी जान बचाई। यह महिला अपनी बहन के साथ दिल्ली में एक शादी में शामिल होने जा रही थी और यात्रा से एक दिन पहले उसे पेट का गंभीर संक्रमण हुआ था, जिसके चलते फ्लाइट के दौरान उसे दौरे जैसे लक्षण दिखाई दिए।

बताया गया है कि फ्लाइट के बीच हवा में ही महिला की हालत अचानक बिगड़ गई। यात्री घबरा गए, केबिन क्रू ने डॉक्टर की मदद के लिए घोषणा की, और उसी क्षण एमएस (OBGY) और अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजलि निम्बालकर आगे आईं। उन्होंने तुरंत महिला की हालत का आकलन किया, ऑन-सीट CPR दिया, इलेक्ट्रोलाइट्स दिलवाए और लगभग दो घंटे से अधिक समय तक महिला के पास रहकर उसकी निगरानी करती रहीं। इस दौरान महिला को एक बार फिर गिरावट का सामना करना पड़ा, लेकिन डॉ. अंजलि की सतर्कता और चिकित्सा कौशल के चलते स्थिति नियंत्रण में रही। अंततः पायलट ने प्राथमिकता के आधार पर विमान को दिल्ली में उतारा, जहां एंबुलेंस पहले से मौजूद थी और महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

इस घटना का एक भावनात्मक पहलू यह भी सामने आया कि जिस अस्पताल में अमेरिकी महिला को ले जाया गया, वहां उसकी सास भी एक स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। यह संयोग लोगों को और भी भावुक कर गया। सबसे अहम बात यह रही कि डॉ. अंजलि निम्बालकर उस समय किसी राजनीतिक कार्यक्रम या निजी यात्रा पर थीं, लेकिन जैसे ही एक जान खतरे में दिखी, राजनीति, पद और औपचारिकताओं से ऊपर उठकर डॉक्टर भीतर से जाग उठी।

इस मानवीय कार्य की देशभर में सराहना हो रही है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे इस घटना से “गहराई से प्रभावित और अत्यंत गर्व महसूस कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि पूर्व खानापुर विधायक डॉ. अंजलि निम्बालकर ने यह साबित कर दिया कि सत्ता में हों या न हों, सच्चे जनसेवक हर परिस्थिति में मानवता के लिए खड़े रहते हैं। उन्होंने इसे न सिर्फ पेशेवर दक्षता बल्कि गहरी मानवीय संवेदना और जिम्मेदारी का उदाहरण बताया।

कांग्रेस पार्टी ने भी डॉ. अंजलि निम्बालकर को सलाम करते हुए कहा कि उनका यह साहसी कदम पार्टी के मूल मूल्यों—“सेवा सर्वोपरि, मानवता सबसे ऊपर”—को साकार करता है। पार्टी ने कहा कि डॉ. अंजलि का संकट के क्षण में आगे बढ़कर मदद करना इस बात का प्रमाण है कि सच्ची सार्वजनिक सेवा किसी पद या कुर्सी की मोहताज नहीं होती। यह जीवन भर की सेवा-भावना का परिणाम होता है।

डॉ. अंजलि हेमंत निम्बालकर वर्तमान में AICC की सचिव हैं और पहले कर्नाटक के खानापुर से विधायक रह चुकी हैं। चिकित्सा पृष्ठभूमि से आने के बावजूद सक्रिय राजनीति में रहते हुए भी उन्होंने यह दिखा दिया कि एक डॉक्टर का कर्तव्य कभी खत्म नहीं होता। फ्लाइट में किया गया उनका यह निर्णय न सिर्फ एक जान बचाने वाला साबित हुआ, बल्कि समाज के लिए एक मजबूत संदेश भी बन गया—कि नेतृत्व का असली अर्थ संवेदनशीलता, साहस और निस्वार्थ सेवा में छिपा है।

कुल मिलाकर, गोवा–दिल्ली की उस उड़ान में सिर्फ एक विमान नहीं उतरा, बल्कि इंसानियत, करुणा और कर्तव्यबोध की एक ऊंची मिसाल भी जमीन पर आई। डॉ. अंजलि निम्बालकर का यह कार्य लंबे समय तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा और याद दिलाता रहेगा कि सच्चा नेता वही है, जो संकट के समय बिना किसी अपेक्षा के आगे बढ़कर किसी की जिंदगी थाम ले।

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