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RJD की महिला नेताओं पर हमला—कांग्रेस बोली: यही है असली संघी मानसिकता

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सरोज सिंह | नई दिल्ली 17 नवंबर 2025

कांग्रेस ने RJD की महिला प्रवक्ता कंचना यादव, सारिका पासवान और प्रियंका भारती के खिलाफ पिछले तीन दिनों से सोशल मीडिया पर चल रही सुनियोजित निम्नस्तरीय ट्रोलिंग और जहरीले हमलों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि यह वही पुरानी, घिसी–पिटी, स्त्री–विरोधी और जातिगत दुर्भावना से भरी मानसिकता है, जो वर्षों से संघ–परिवार की विचारधारा में जड़ें जमाए बैठी है। कांग्रेस ने साफ कहा कि “अगर कोई दो मजबूत, आत्मविश्वासी और तर्कशील महिलाएँ—वो भी पिछड़े और दलित समाज से—सत्ता पक्ष की आँख में चुभने लगें, तो ये लोग उनके चरित्र पर कीचड़ उछालने, उनके व्यक्तित्व पर वार करने और उन्हें चुप कराने की घृणित कोशिश शुरू कर देते हैं।” यह हमला किसी व्यक्तिगत मतभेद का नहीं, बल्कि महिलाओं की राजनीतिक उन्नति और उनके जन–प्रतिनिधित्व से जुड़े भय का प्रदर्शन है। कंचन यादव ने कहा है कि सुप्रिया श्रीनेत जी आपके सशक्त समर्थन के लिए हार्दिक धन्यवाद। हम अन्याय के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे, हम लड़ेंगे, और हम जीतकर रहेंगे।

बात, तर्क और तथ्यों का जवाब नहीं—तो महिलाएँ निशाने पर: कांग्रेस बोली, “यह बौखलाहट है, कायरता है, और आपकी ताकत की गवाही भी”

कांग्रेस ने कहा कि जब विपक्ष के पास तर्क खत्म हो जाते हैं, जब तथ्य उनके झूठे आख्यानों की पोल खोल देते हैं, और जब महिलाओं की वाकपटुता, साहस और सामाजिक समझ किसी भी बहस को पलट देती है—तब यही लोग सबसे आसान और सबसे घटिया रास्ता अपनाते हैं: व्यक्तिगत हमले। कंचना यादव, सारिका पासवान और प्रियंका भारती पर इस तरह के हमले यह दर्शाते हैं कि उनके तर्कों ने विरोधियों की नींद उड़ा दी है। कांग्रेस ने कहा, “जिस तरह ये लोग आपके खिलाफ ज़हर उगल रहे हैं, वह इस बात का संकेत है कि आप दोनों सही दिशा में, सही ताकत से बोल रही हैं। आपकी बातों का जवाब इनके पास है नहीं—इसलिए नफरत का शोर ही इनके लिए आखिरी हथियार बन जाता है।” महिलाएँ जब सार्वजनिक मंचों पर आत्मविश्वास से भरकर बोलती हैं, तो एक खास मानसिकता हमेशा बौखला उठती है—क्योंकि उसे बराबरी का अधिकार कभी पचता ही नहीं।

कांग्रेस का संदेश: ‘कायरों की बौखलाहट से घबराने की नहीं, बल्कि उससे और मजबूत होने की जरूरत’

कांग्रेस ने तीनों महिला प्रवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमला सिर्फ़ उन पर नहीं, बल्कि उनके साहस, उनकी बौद्धिक शक्ति और उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि से उभरकर आगे बढ़ने की यात्रा पर है। पार्टी ने कहा कि “जो हमले आज आप झेल रही हैं, वह आपकी सफलता का प्रमाण हैं। क्योंकि जब मजबूत महिलाएँ सत्ता, सरकार, व्यवस्था और विचारधारा की कमजोरियों को उजागर करती हैं, तो कायर लोग बदले में विमर्श नहीं, बल्कि गाली देने की कोशिश करते हैं।” कांग्रेस ने दोनों प्रवक्ताओं से कहा कि वे अपने काम पर गर्व महसूस करें और अपनी आवाज़ को और बुलंद करें—क्योंकि बहस में, मीडिया में और जन–वितर्क के हर मोर्चे पर समाज को इनकी जैसी सशक्त, तर्कशील और निर्भीक आवाज़ों की सबसे अधिक जरूरत है।

कंचना यादव, सारिका पासवान और प्रियंका भारती को संबोधित करते हुए कांग्रेस ने संदेश दिया: “आप दोनों पर किया जा रहा हमला कमजोरी नहीं, आपकी ताकत का प्रमाण है। इससे विचलित होने की नहीं, बल्कि और अधिक मजबूती से बोलने की जरूरत है। इनकी असफलताओं, विफलताओं और कायरता का सच उजागर करती रहिए—क्योंकि यह लड़ाई सिर्फ़ राजनीति की नहीं, बल्कि विचार और सम्मान की भी है।”

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