दरभंगा/ मुजफ्फरपुर/ पटना 29 अक्टूबर 2028
गुजरात में फैक्ट्री, बिहार में वोट — तेजस्वी का तीखा तंज
मुज़फ्फरपुर और दरभंगा में विशाल जनसभाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और इंडिया गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सिर्फ गुजरात में विकास दिखता है, बिहार में नहीं। मोदी को औद्योगिक प्रगति की चिंता तभी होती है जब वह गुजरात की बात हो, लेकिन बिहार की बात आते ही उनका उत्साह केवल वोट की गिनती तक सीमित रह जाता है। तेजस्वी ने कहा — “प्रधानमंत्री को फैक्ट्री खोलनी है गुजरात में, लेकिन जीत चाहिए बिहार में। यह अब नहीं होगा। बिहार की जनता अब बहुत समझदार है, वह वोट भी देगी और जवाब भी।”
जनता से वादा: ₹500 में सिलेंडर और स्थायी नौकरियाँ
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में जनता के लिए कई बड़े वादे दोहराए। उन्होंने घोषणा की कि अगर आरजेडी-नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में आता है, तो हर परिवार को ₹500 में एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि महँगाई ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है, रसोई से लेकर खेत तक हर घर संकट में है। साथ ही, उन्होंने यह भी ऐलान किया कि बिहार सरकार के सभी अनुबंधित कर्मचारियों को स्थायी किया जाएगा, ताकि युवाओं को स्थिर रोजगार और सम्मानजनक जीवन मिल सके। तेजस्वी ने कहा — “हम बिहार के युवाओं को ठेका प्रणाली से आज़ादी देंगे। नौकरी का हक अब किसी ठेकेदार की दया पर नहीं रहेगा।”
‘हमारी घोषणाएँ कॉपी कर रही है सरकार’
तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर अपने पुराने वादों को “कॉपी-पेस्ट” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा किया था, तब सरकार ने इसे मज़ाक बताया था। लेकिन जनता के रुझान को देखकर सत्ताधारी गठबंधन ने डर के मारे 125 यूनिट बिजली मुफ्त करने की घोषणा कर दी। तेजस्वी ने कटाक्ष किया — “जिन्हें हमारे वादे अव्यावहारिक लगते थे, आज वही लोग हमारी नीतियों की नकल करके वोट माँग रहे हैं। फर्क बस इतना है कि हमारी नीयत जनता की सेवा की है, उनकी राजनीति सिर्फ कुर्सी बचाने की।”
महिलाओं को साधने की रणनीति: ‘माई-बहिन योजना’ बनाम ‘महिला रोजगार योजना’
तेजस्वी यादव ने महिलाओं को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि उनकी ‘माई-बहिन योजना’ का उद्देश्य हर महिला को ₹2500 मासिक सहायता देना है। उन्होंने नीतीश कुमार की ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ पर हमला करते हुए कहा कि वह योजना वास्तव में एक “कर्ज योजना” है, न कि सहायता योजना। तेजस्वी बोले — “सरकार महिलाओं को ₹10,000 दे रही है, लेकिन वह पैसा कर्ज के रूप में है, जो बाद में ब्याज सहित लौटाना होगा। हम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं, सरकार उन्हें कर्जदार बना रही है।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी का यह रुख महिला मतदाताओं को एनडीए से खींचने की एक सधी हुई रणनीति है, क्योंकि पिछले कुछ चुनावों में महिलाओं का वोट निर्णायक भूमिका निभा चुका है।
‘रिमोट कंट्रोल से चल रही सरकार’ — नीतीश पर सीधा हमला
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी दोनों पर एक साथ प्रहार करते हुए कहा कि बिहार की सरकार अब “रिमोट कंट्रोल” से चलाई जा रही है। उन्होंने कहा — “अब यह सरकार नीतीश कुमार की नहीं, दिल्ली के हुक्मरानों की है। बीजेपी इसे रिमोट से चला रही है और नीतीश सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री हैं।” तेजस्वी ने आगे कहा — “बिहारी जनता अब बाहरी (बाहरी) नियंत्रण वाली इस सरकार को उखाड़ फेंकेगी। जिन्हें बिहार से वोट चाहिए, पर फैक्ट्रियाँ लगानी हैं गुजरात में — उनका हिसाब जनता अब ज़रूर करेगी।” तेजस्वी का यह बयान स्पष्ट रूप से बिहारी अस्मिता और क्षेत्रीय स्वाभिमान को केंद्र में रखकर दिया गया संदेश था, जो भीड़ में गूंजता रहा।
भ्रष्टाचार और ‘जंगलराज’ के आरोपों पर जवाब
तेजस्वी यादव ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार और ‘जंगलराज’ दोनों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेही चाहती है। उन्होंने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार हर घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के वादे पर पूरी तरह अडिग है। तेजस्वी ने कहा — “अब बिहार की आकांक्षाएँ छक्के की तरह उछलेंगी, और किसी भी घर में बेरोज़गारी की छाया नहीं रहेगी।” उनके इस बयान पर युवाओं ने जोश में नारे लगाए — “तेजस्वी बोले, रोजगार खोले!”
‘युवा की सरकार, नया बिहार’ — तेजस्वी का आह्वान
अपनी युवा छवि और ऊर्जा को केंद्र में रखते हुए तेजस्वी यादव ने भीड़ से नारा लगवाया — “युवा की सरकार — तेजस्वी सरकार!” उन्होंने कहा कि बिहार अब पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगा। “हम नया बिहार बनाएँगे। ऐसा बिहार जहाँ नफरत की राजनीति की कोई जगह न हो। जहाँ शिक्षा, रोजगार, और विकास की बात होगी। जहाँ जाति और धर्म नहीं, प्रतिभा और परिश्रम का सम्मान होगा।” उन्होंने कहा कि बिहार में बदलाव की हवा चल चुकी है। लोग अब नौकरी, शिक्षा और सम्मान की राजनीति चाहते हैं। तेजस्वी ने दावा किया — “अब बिहार बदलेगा। यह चुनाव किसी पार्टी का नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य का है।”



