अयोध्या, 28 अक्टूबर 2025
अयोध्या के एक बीजेपी नेता ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) में शिकायत दर्ज कराई है। वे आगामी फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे हैं, जिसमें परेश रावल मुख्य भूमिका में हैं। उनका दावा है कि फिल्म उनकी हाईकोर्ट याचिका के विषय पर ही बनी है!
बीजेपी प्रवक्ता राजनेश सिंह ने अक्टूबर 2022 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने ताजमहल के अंदर बंद 22 कमरों को खोलने की मांग की, क्योंकि उनका मानना है कि यह इमारत मूल रूप से एक हिंदू मंदिर थी। याचिका में उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की कमेटी गठित कर 17वीं सदी के इस स्मारक की सच्चाई जांचने को कहा था। लेकिन मई 2022 में हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
सोमवार को मंत्रालय और सीबीएफसी को भेजी शिकायत में सिंह ने कहा, “मैंने ताजमहल के 22 बंद कमरों को खोलने के लिए जनहित याचिका दाखिल की थी। मेरा इरादा सिर्फ इतिहास की सच्चाई सामने लाना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना था।
अब पता चला है कि फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ मेरी याचिका के मुद्दे पर ही आधारित है!” उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म के पोस्टर, प्रमोशनल सामग्री और कहानी में उनकी याचिका और कोर्ट केस को बिना अनुमति लिए ‘भ्रामक’ तरीके से दिखाया गया है। “यह मेरे बौद्धिक और कानूनी अधिकारों का उल्लंघन है। न्यायिक मामले का व्यावसायिक इस्तेमाल गलत है,” सिंह ने जोर देकर कहा।
उन्होंने चेतावनी दी, “ऐसी फिल्म रिलीज होने से न सिर्फ अदालती प्रक्रिया प्रभावित होगी, बल्कि समाज में धार्मिक तनाव और अशांति फैल सकती है।” इसलिए वे सेंसर प्रक्रिया और फिल्म की रिलीज पर फौरन रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
सिंह ने आगे कहा कि फिल्म की स्क्रिप्ट और स्टोरीलाइन की जांच होनी चाहिए — क्या इसमें उनकी याचिका का कोई हिस्सा या बौद्धिक सामग्री बिना इजाजत इस्तेमाल की गई है? जांच पूरी होने तक फिल्म का प्रमोशन और प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए।
फिल्म के बारे में: ‘द ताज स्टोरी’ एक हिंदी कोर्टरूम ड्रामा है, जिसे तुषार अमरीश गोयल ने लिखा और निर्देशित किया है। निर्माता हैं सुरेश झा। मुख्य भूमिकाओं में परेश रावल के अलावा जाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, नमित दास और स्नेहा वाघ हैं।




