कांग्रेस के तेजतर्रार प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके समर्थक मीडिया द्वारा INDIA गठबंधन में फूट डालने की कोशिशों पर खुला और विस्फोटक हमला बोला है। खेड़ा ने ऐलान किया कि बिहार में तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया गया है, जबकि मुकेश सहनी (Son of Mallah) समेत अन्य वंचित समुदायों से आने वाले नेताओं को उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने साफ़ चेतावनी देते हुए कहा, “जो लोग INDIA गठबंधन में फूट की उम्मीद लगाए बैठे थे, अब उन्हें गहरी निराशा होगी।”
कांग्रेस प्रवक्ता ने दो राजनीतिक मॉडलों की तुलना करते हुए कहा कि “BJP का डीएनए ही सत्ता के केंद्रीकरण पर टिका है — एक आदमी बोलता है, बाक़ी तालियाँ बजाते हैं,” लेकिन INDIA गठबंधन का मॉडल बिल्कुल उल्टा है। उन्होंने जोरदार शब्दों में कहा कि यह गठबंधन किसी एक व्यक्ति या एक परिवार का ‘शो’ नहीं है, बल्कि यह “जनता का आंदोलन है — जन-आधारित, साझेदारी पर टिका और परस्पर सम्मान से जन्मा गठबंधन।” इस मंच पर कुर्सी नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी बाँटी जाती है, ताकि सत्ता के केंद्र तक उन सभी आवाज़ों को पहुँचाया जा सके, जिन्हें NDA शासन ने वर्षों से दरकिनार कर रखा है।
खेड़ा ने स्पष्ट किया कि बिहार से उठी यह तस्वीर देश के लिए एक सीधा संदेश है: जहाँ बीजेपी सत्ता को अपने आदमी की जागीर बनाना चाहती है, वहीं INDIA गठबंधन सत्ता को जनता की अमानत मानता है, और यह घोषणा महज एक राजनीतिक रणनीति नहीं, बल्कि एक वैचारिक घोषणा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी के ‘वन-मैन शो’ की राजनीति पर सीधा वार करते हुए यह भी कहा कि अब भारतीय राजनीति में वह दौर खत्म होगा जब “एक आदमी की फोटो” सबका भविष्य तय करती थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि INDIA गठबंधन में हर वर्ग, हर आवाज़ और हर क्षेत्र को बराबर का हिस्सा मिलेगा, जो बीजेपी के तानाशाही और केंद्रीकृत शासन के विपरीत है।
खेड़ा ने उन सभी विरोधियों को चेतावनी दी जो गठबंधन को तोड़ने, झूठ फैलाने और भ्रम की राजनीति करने में लगे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि “INDIA एक विचार है, और विचार को खरीदा नहीं जा सकता।” यह बयान सीधे तौर पर बीजेपी के उस नैरेटिव को खारिज करता है, जो लगातार यह प्रचारित करता रहा है कि विपक्षी गठबंधन नेतृत्वविहीन है और जल्द ही टूट जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि कांग्रेस का यह आक्रामक रुख बीजेपी की “फूट डालो, राज करो” वाली राजनीति का एक मास्टरस्ट्रोक जवाब है। महागठबंधन का यह निर्णय न केवल बिहार में विपक्ष की एकजुटता को मजबूत करता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि INDIA गठबंधन एक व्यक्ति की तानाशाही बनाम जनता की साझेदारी के मंत्र के साथ चुनावी समर में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है, और अब राजनीतिक गलियारों में इसकी दमदार हेडलाइन गूंज रही है।




