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मणिपुर में 15 अक्टूबर को 12 घंटे का बंद, 1949 में भारत में विलय के विरोध में सात प्रतिबंधित सशस्त्र संगठनों का आह्वान

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | गुवाहाटी | 11 अक्टूबर 2026

मणिपुर में भारत के साथ राज्य के विलय को लेकर एक बार फिर विरोध की आवाज तेज होने जा रही है। सात प्रतिबंधित सशस्त्र संगठनों ने 15 अक्टूबर को 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है। ये संगठन इस दिन को ‘नेशनल ब्लैक डे’ यानी राष्ट्रीय काला दिवस के रूप में मनाना चाहते हैं। उनका आरोप है कि वर्ष 1949 में मणिपुर का भारतीय संघ में विलय अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन था। द हिंदू की 11 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, बंद का आह्वान करने वाले संगठनों में अधिकांश मैतेई समुदाय से जुड़े हैं।

1949 के विलय पर फिर उठे सवाल

मणिपुर के भारत में विलय का मुद्दा राज्य की राजनीति और पहचान से जुड़े विवादों में लंबे समय से चर्चा में रहा है। बंद का आह्वान करने वाले संगठनों ने 15 अक्टूबर को विरोध दर्ज कराने की घोषणा की है। उनका कहना है कि 1949 में हुआ विलय कानूनी रूप से उचित नहीं था। हालांकि, यह संगठनों का दावा है; इसे किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

सुरक्षा और जनजीवन पर पड़ सकता है असर

12 घंटे के बंद के कारण 15 अक्टूबर को मणिपुर में सामान्य जनजीवन, परिवहन, बाजार और अन्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में बंद के दौरान संभावित प्रतिबंधों और प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक गतिविधियों पर नजर रहेगी।

फिलहाल, बंद का आह्वान करने वाले सातों संगठन प्रतिबंधित सशस्त्र समूह हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती होगी। 15 अक्टूबर को प्रस्तावित बंद के दौरान हालात किस दिशा में जाते हैं, यह राज्य प्रशासन की तैयारियों और जमीनी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

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