नई दिल्ली 5 नवंबर 2025
अगर आज हम चुप रहे, तो कल पूरे देश की वोटर लिस्ट नकली हो जाएगी
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऐसे दस्तावेज़ और डेटा सार्वजनिक किए जिन्हें उन्होंने “H-Files Hydrogen Bomb” करार दिया। उनका दावा है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव जनता ने नहीं, बल्कि नकली वोटों ने तय किए। राहुल ने आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग की नाक के नीचे एक सुनियोजित वोट चोरी, वोटर लिस्ट हेरफेर और पहचान डेटा का फर्जीवाड़ा हुआ। उनके अनुसार, हरियाणा की कुल लगभग 2 करोड़ वोटर आबादी में से 25,41,144 फर्जी वोट दर्ज किए गए — यानी हर 8 में से 1 वोटर नकली! उन्होंने यह भी कहा कि 3.5 लाख असली मतदाताओं को सूची से हटाया गया ताकि चुनावी परिणाम भाजपा के पक्ष में मोड़ा जा सके। राहुल का दावा है — “यह सरकार वैध नहीं, चोरी की सरकार है।” प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में राहुल गांधी ने स्पष्ट चेतावनी दी —”अगर आज हम चुप रहे, तो कल पूरे देश की वोटर लिस्ट नकली हो जाएगी।”
राहुल गांधी ने अपने प्रेज़ेंटेशन में वोटर लिस्ट के ऐसे उदाहरण दिखाए जिन्होंने सभी को हिला दिया। एक महिला का फोटो 100 वोटों में इस्तेमाल किया गया। 223 वोट एक ही तस्वीर से दो अलग बूथों में पड़े। एक मतदाता 14 बार पोलिंग बूथ बदल-बदलकर वोट डालता पकड़ा गया। दो भाइयों ने मिलकर 18-18 बार वोट डाले। सबसे चौंकाने वाला खुलासा — एक ब्राज़ीलियन मॉडल की तस्वीर हरियाणा में 10 बूथों पर इस्तेमाल हुई और उसके नाम पर 22 वोट पड़े। राहुल ने तीखे लहजे में सवाल उछाला — “भारत के चुनाव में ब्राजील की महिला किसका जनादेश तय कर रही है?” उनका कहना है कि यह सब किसी बूथ-स्तर की लापरवाही नहीं, बल्कि केंद्रित चुनावी अपराध है जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर चलाया गया।
राहुल ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक क्वेरी चलाकर डुप्लीकेट चेहरे और पते तुरंत पकड़े जा सकते हैं, लेकिन ईसी ऐसा नहीं करता क्योंकि वह “मदद कर रहा है”। उन्होंने कहा कि वोट चोरी का लक्ष्य सीधा था — कांग्रेस की जीत को पराजय में बदल देना। उन्होंने बताया कि जहाँ मशीनें नहीं थीं, यानी पोस्टल बैलट में, कांग्रेस को 73 और बीजेपी को 17 वोट मिले। लेकिन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम लागू होते ही पूरा परिणाम उलट गया। राहुल पूछते हैं — “अगर जनता ने हमें पोस्टल बैलट में चुना, तो फिर मशीनों में हम कैसे हार गए? क्या मशीनें वोट का सम्मान नहीं करतीं?”
राहुल गांधी ने इस खुलासे को सिर्फ हरियाणा की लड़ाई नहीं, बल्कि भारत के लोकतंत्र का अस्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव आयोग पर अविश्वास का प्रश्न नहीं — आरोप का प्रश्न है। “अगर नकली वोटों से सरकार बनी है, तो यह सरकार अवैध है। और जब लोकतंत्र चोरी हो जाए, तो जनता को ही उसे वापस पाना होगा।” उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग दोनों को निशाने पर लेते हुए कहा — “जनादेश अगर डेटा घोटाले से तय होगा, और वोटर सूची अगर हैकिंग के हवाले हो जाएगी, तो भारत गणराज्य नहीं — एक प्रबंधित राजतंत्र बन जाएगा।” उन्होंने मांग की कि हरियाणा चुनाव की जांच सुप्रीम कोर्ट एवं निष्पक्ष एजेंसियों द्वारा कराई जाए और फर्जी नाम शामिल करने व असल मतदाता हटाने के आरोप के लिए कठोर दंड व्यवस्था बनाई जाए। उनका कहना है कि ईसी को जवाब देना ही होगा — किसके आदेश पर 3.5 लाख वास्तविक मतदाताओं को हटाया गया? किसके कहने पर 25 लाख नकली पहचानें जोड़ी गईं?




