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ब्रिटेन में ज़ेलेंस्की की अहम मौजूदगी—यूक्रेन युद्ध के निर्णायक चरण में वैश्विक समर्थन को मजबूती देने की कोशिश

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अंतरराष्ट्रीय डेस्क 8 दिसंबर 2025

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की आज डाउनिंग स्ट्रीट में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से उच्च-स्तरीय वार्ता के लिए पहुंच रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के लगभग तीन वर्ष पूरे होने के बाद यह मुलाक़ात ऐसे समय हो रही है जब कीव को सैन्य और आर्थिक समर्थन दोनों मोर्चों पर भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। वैश्विक राजनीति में बदलते समीकरणों, अमेरिका में चुनावी अनिश्चितता और यूरोपीय संघ की आंतरिक सहमति में आई दरारों के बीच ज़ेलेंस्की का लंदन दौरा अत्यंत रणनीतिक माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति का उद्देश्य ब्रिटेन से और अधिक उन्नत हथियार प्रणालियों, लंबी दूरी की क्षमता वाले मिसाइलों और वायु रक्षा कवच के लिए ठोस आश्वासन हासिल करना है, ताकि कीव सर्दियों के युद्ध चरण में अपनी रक्षा को और मजबूत कर सके।

ब्रिटेन–यूक्रेन साझेदारी के नए अध्याय की उम्मीद, रक्षा सहयोग पर पैनी नज़र

डाउनिंग स्ट्रीट में होने वाली इस मुलाकात का केंद्रबिंदु ब्रिटेन-यूक्रेन रक्षा सहयोग को और गहरा करना है। ब्रिटेन पहले ही यूक्रेन को प्रशिक्षण, ड्रोन तकनीक, मिसाइल प्रणाली और युद्धक सहायता देने वाले प्रमुख देशों में शामिल है। ब्रिटिश प्रशासन यह मानता है कि यदि रूस को रोकना है, तो यूक्रेन की सैन्य क्षमता को किसी भी हालत में कमजोर नहीं पड़ने देना चाहिए। इसी दृष्टिकोण के तहत दोनों देशों के बीच नए रक्षा समझौतों और अतिरिक्त सैन्य पैकेज पर बातचीत हो सकती है। इसके अलावा, ज़ेलेंस्की यूरोपीय सुरक्षा ढांचे में यूक्रेन की भविष्य की भूमिका पर भी चर्चा करने वाले हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह वार्ता केवल युद्ध संचालन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यूरोप के दीर्घकालिक सुरक्षा दृष्टिकोण को भी प्रभावित करेगी।

युद्ध के मैदान में कठिन परिस्थितियाँ—रूस के बढ़ते हमले और कीव की रणनीतिक चिंताएँ

यूक्रेन इस समय पूर्वी और दक्षिणी मोर्चों पर लगातार रूसी हमलों की मार झेल रहा है। रूस की नई सैन्य रणनीतियाँ—ड्रोन, मिसाइलों और तोपखाने के संयुक्त हमलों के रूप में—यूक्रेन के रक्षा तंत्र को चुनौती दे रही हैं। ज़ेलेंस्की की चिंता यह भी है कि यदि पश्चिमी देशों से हथियारों की आपूर्ति में और देरी हुई, तो रूस को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है। इस परिप्रेक्ष्य में, ब्रिटेन का समर्थन यूक्रेन की रणनीति के लिए अनिवार्य माना जा रहा है। डाउनिंग स्ट्रीट की वार्ता से इस स्थिति पर भी स्पष्ट संदेश जाने की उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब भी यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा है।

कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय दबाव—ज़ेलेंस्की का वैश्विक अभियान जारी

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की पिछले कुछ महीनों में दुनिया के कई देशों की यात्राएँ कर चुके हैं ताकि यूक्रेन को मिलने वाले समर्थन को पुख्ता किया जा सके। हालांकि, वैश्विक राजनीति में थकान, आर्थिक मंदी और घरेलू संकटों के कारण कई देशों में यूक्रेन के प्रति समर्थन की तीव्रता पहले जैसी नहीं रही। ऐसे समय में लंदन का दौरा ज़ेलेंस्की के लिए दोहरा महत्व रखता है—एक तो ब्रिटेन से तत्काल समर्थन सुनिश्चित करना और दूसरा यूरोपीय भागीदारों को स्पष्ट संकेत देना कि युद्ध खत्म नहीं हुआ है और यूक्रेन को स्थायी समर्थन की आवश्यकता है। ब्रिटेन की प्रतिक्रिया आने वाले महीनों में पश्चिमी गठबंधन की दिशा तय कर सकती है।

नज़रें बैठक के नतीजों पर—क्या ब्रिटेन देगा नया सुरक्षा पैकेज?

नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात आने वाले समय में युद्ध की रणनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकती है। ब्रिटेन अपने नए रक्षा पैकेज, रडार और मिसाइल तकनीक के हस्तांतरण, और ब्रिटेन में यूक्रेनी सैनिकों के उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर नए कदमों की घोषणा कर सकता है। यदि वार्ता सफल रही, तो यह न केवल कीव के मनोबल को बढ़ाएगी, बल्कि रूस को भी एक कड़ा कूटनीतिक संदेश देगी कि युद्ध-थकान के बावजूद पश्चिमी समर्थन कम नहीं हुआ है।

यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष के इस संवेदनशील चरण में ज़ेलेंस्की की यह यात्रा अत्यंत निर्णायक मानी जा रही है, और इसके परिणाम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में आगामी महीनों की दिशा तय कर सकते हैं।

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