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योगराज सिंह का खुलासा — “ब्रीड बदलो” की दी थी युवराज को सलाह, कड़ी ट्रेनिंग, कढ़ी-चावल और वर्ल्ड कप 2011 की यादें भी साझा

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नई दिल्ली 25 सितंबर 2025 

पूर्व क्रिकेटर और अभिनेता योगराज सिंह ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने बेटे युवराज सिंह के निजी और पेशेवर जीवन से जुड़े कई अहम किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि जब युवराज शादी की उम्र में पहुँचे तो उन्होंने बेटे को अनोखी सलाह दी थी — “ब्रीड बदलो”। योगराज ने कहा कि वे चाहते थे कि युवराज पारंपरिक सोच से हटकर जीवनसाथी चुनें और उन्होंने यह तक कहा था कि वह किसी ब्रिटिश या आयरिश लड़की से शादी कर सकते हैं। हालाँकि, बाद में युवराज ने अभिनेत्री हेज़ल कीच से विवाह किया और योगराज ने उन्हें बहू नहीं बल्कि बेटी के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “हेज़ल मेरी बेटी है। वह घर में आई तो मुझे लगा जैसे मेरी अपनी संतान है। ओरियन और ओरा (पोते-पोती) भी मुझे दादा नहीं, दोस्त मानते हैं।”

योगराज ने युवराज के क्रिकेट करियर को लेकर भी कई खुलासे किए। उन्होंने कहा कि जब वे युवराज को ट्रेनिंग देते थे, तो पड़ोसी और लोग उन्हें पागल कहते थे। कभी-कभी पुलिस तक बुला ली जाती थी कि वह बेटे पर बहुत ज़्यादा दबाव डाल रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी ट्रेनिंग बेहद सख्त थी, इतनी कि लोग उन्हें “हिटलर” और “ड्रैगन” कहने लगे। खुद युवराज भी उन्हें कठोर अनुशासन के लिए यही उपनाम देते थे। योगराज ने कहा, “लोग कहते थे कि मैं अपने बेटे को मार डालूँगा, लेकिन आज वही लोग कहते हैं हमने उसे कढ़ी-चावल खिलाया था, हमने उसे गेंदबाज़ी कराई थी। असली मेहनत मैंने कराई, उसका खून-पसीना देखा है।”

उन्होंने वर्ल्ड कप 2011 के दौरान का किस्सा भी साझा किया। जब युवराज कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, तब योगराज ने उन्हें कहा कि चाहे जान चली जाए, लेकिन वर्ल्ड कप खेलना है। योगराज ने कहा, “मैंने उससे कहा था, अगर मैं तुम्हें खो दूँ तो भी मैं गर्व से कहूँगा कि मैं उस बेटे का पिता हूँ जिसने आख़िरी दम तक देश के लिए खेला। और तब युवराज ने कहा — पापा, वही मैं हूँ।” यह वही टूर्नामेंट था जिसमें युवराज सिंह मैन ऑफ द टूर्नामेंट बने और भारत को विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई।

योगराज ने यह भी बताया कि समाज ने युवराज पर कई बार दबाव बनाया कि वह जल्दी शादी कर लें। लेकिन उन्होंने बेटे से कहा कि यह उसका व्यक्तिगत निर्णय है और तभी लेना चाहिए जब वह खुद तैयार हो। उन्होंने कहा, “जब वह 38 का हुआ, तब मैंने कहा कि अब सोच लो, लेकिन एक बात — ब्रीड बदलो। जीवन को नई दिशा देने के लिए पुराने ढर्रे से हटना ज़रूरी है।”

उनके इन बयानों ने सोशल मीडिया और खेल जगत में चर्चा छेड़ दी है। एक ओर लोग योगराज की ईमानदारी और अनुशासन की सराहना कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कई लोग उनकी कठोरता और बयानबाज़ी को विवादास्पद बता रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि उनके खुलासों ने युवराज सिंह की ज़िंदगी के कई अनकहे पहलुओं को सामने ला दिया है — चाहे वह मैदान पर खून-पसीना बहाने की बातें हों, कढ़ी-चावल खिलाने वाले ताने हों या फिर वर्ल्ड कप 2011 के दौरान की भावुक यादें।

 

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