एबीसी डेस्क | 3 जनवरी 2026
क्रिप्टो बाजार भाग रहा है, PI क्यों ठहरा है?
Pi Network एक बार फिर अपने यूज़र्स और समर्थकों की नाराज़गी के केंद्र में है। सालों से Pi से जुड़े लाखों लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि यह प्रोजेक्ट किसी ठोस नतीजे तक पहुंचेगा, लेकिन 2026 को लेकर दिए गए लक्ष्य अब भी साफ़ नहीं दिखते। टीम “भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था” जैसे बड़े शब्दों का इस्तेमाल करती है, मगर ज़मीनी स्तर पर रोडमैप, टाइमलाइन और उपयोगिता को लेकर तस्वीर धुंधली बनी हुई है। इसी वजह से भरोसे की दरार धीरे-धीरे गहरी होती जा रही है। इस वक्त ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट में तेज़ी का माहौल है। बिटकॉइन, एथेरियम और कई दूसरे कॉइन अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। निवेशकों में उत्साह है और बाजार में हलचल दिख रही है। लेकिन PI कॉइन इस रैली से लगभग बाहर नजर आ रहा है। Pi Network से जुड़े यूज़र्स का कहना है कि अगर प्रोजेक्ट मज़बूत होता, तो इसका असर कीमत और गतिविधियों में ज़रूर दिखता। यही वजह है कि अब निराशा सिर्फ़ कीमत को लेकर नहीं, बल्कि पूरे प्रोजेक्ट की दिशा को लेकर है।
AI के चौंकाने वाले 2026 प्राइस अनुमान
इसी बीच कुछ AI आधारित एनालिसिस और प्राइस प्रेडिक्शन टूल्स ने Pi Network के 2026 के संभावित दाम को लेकर अलग–अलग अनुमान लगाए हैं। कुछ AI मॉडल बेहद आशावादी तस्वीर दिखाते हैं और मानते हैं कि अगर Pi Network का मेननेट, उपयोगिता और एक्सचेंज लिस्टिंग साफ़ तरीके से आगे बढ़ी, तो कीमत में अच्छा उछाल आ सकता है। वहीं कई AI एनालिसिस सतर्क रुख अपनाते हैं और कहते हैं कि जब तक पारदर्शिता, ठोस उपयोग और स्पष्ट प्लान सामने नहीं आते, तब तक PI की कीमत सीमित दायरे में ही रह सकती है। मतलब साफ़ है—AI भी यह मान रहा है कि Pi का भविष्य सीधे तौर पर टीम की कार्रवाई और स्पष्टता पर निर्भर करेगा, न कि सिर्फ़ उम्मीदों पर।
यूज़र्स के सवाल, जवाब अब भी अधूरे
Pi Network के समर्थकों के मन में कुछ बुनियादी सवाल लगातार घूम रहे हैं। PI कॉइन का असली इस्तेमाल क्या होगा? क्या इसे रोज़मर्रा की खरीदारी या सेवाओं में इस्तेमाल किया जा सकेगा? बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों पर इसकी स्थिति क्या होगी? इन सवालों के बदले अभी भी ठोस और सीधे जवाब नहीं मिल रहे हैं। जिन लोगों ने सालों तक मोबाइल पर Pi माइन किया, वे अब खुद को इंतज़ार की लंबी लाइन में खड़ा महसूस कर रहे हैं।
भरोसे की असली परीक्षा का दौर
क्रिप्टो एक्सपर्ट्स मानते हैं कि किसी भी डिजिटल प्रोजेक्ट के लिए सबसे बड़ी पूंजी उसका समुदाय होता है। अगर वही समुदाय भरोसा खोने लगे, तो टेक्नोलॉजी भी अकेले कुछ नहीं कर पाती। Pi Network के मामले में यही सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है। सोशल मीडिया पर बढ़ती आलोचना इस बात का संकेत है कि लोग अब सिर्फ़ बड़े वादों से संतुष्ट नहीं हैं—उन्हें साफ़ दिशा और ठोस प्रगति चाहिए।
2026: सुनहरा मौका या खोया हुआ समय?
Pi Network बार-बार 2026 को एक निर्णायक साल बताता है। लेकिन यूज़र्स का कहना है कि सिर्फ़ एक साल का नाम लेना काफी नहीं है। ज़रूरी यह है कि वहां तक पहुंचने का रास्ता साफ़ दिखे। अगर अगले एक-दो साल में स्पष्ट बदलाव, उपयोगिता और पारदर्शिता नहीं आई, तो 2026 भी एक और “आने वाला साल” बनकर रह सकता है।
आगे की राह ?
अब Pi Network के सामने दो ही रास्ते हैं—या तो वह अपने समुदाय के सामने खुलकर, साफ़ शब्दों में अपनी योजनाएं रखे, या फिर बढ़ती नाराज़गी का सामना करे। AI के अनुमान, बाजार की रैली और यूज़र्स की बेचैनी—तीनों एक ही बात कह रहे हैं: आज के क्रिप्टो दौर में लोग इंतज़ार नहीं, नतीजे चाहते हैं। अगर Pi Network ने समय रहते यह बात नहीं समझी, तो 2026 के सबसे चौंकाने वाले प्राइस अनुमान भी यूज़र्स का भरोसा नहीं बचा पाएंगे।




