महेंद्र कुमार | नई दिल्ली | 13 जनवरी 2026
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर लंबे समय से इंतजार था। पिछले कुछ समय से यह पद खाली पड़ा हुआ था, लेकिन अब अध्यक्ष के चुनाव की तारीख तय हो गई है और पार्टी के अंदर हलचल भी बढ़ गई है। लोग जानना चाहते हैं कि कब चुनाव होगा, किसे चुना जाएगा और प्रस्तावक कौन-कौन होंगे। बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन को अब पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने का साफ संकेत मिल गया है। खबरों के मुताबिक, 20 जनवरी 2026 को नितिन नबीन को बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया जा सकता है। यह तारीख इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि खरमास (अशुभ अवधि) 14 जनवरी के बाद समाप्त हो रहा है और बीजेपी संगठन इसे शुभ समय मानकर अपना शीर्ष पद तय कर रहा है।
बीजेपी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक लंबी प्रक्रिया का हिस्सा होता है जिसमें पार्टी के विभिन्न स्तरों पर चुनाव-प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं। इसके तहत पहले राज्यों में संगठनात्मक चुनाव होते हैं, फिर उन राज्यों के अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए समर्थन देते हैं। पार्टी के नियमों के अनुसार, जब अधिकांश राज्य इकाइयों में यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तब राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर सहमति या चुनाव को अंतिम रूप दिया जाता है। इस बार संगठनात्मक चुनाव 29 राज्यों में हो चुके हैं और केवल कुछ बड़े राज्यों की औपचारिक प्रक्रियाएं बाकी रह गई थीं।
बीजेपी नेतृत्व के फैसले के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वरिष्ठ नेताओं और राज्य अध्यक्षों की मौजूदगी में नितिन नबीन का नाम आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में घोषित किया जाएगा। बताया जा रहा है कि प्रस्तावक के रूप में राज्य इकाइयों के अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्य अपना समर्थन दस्तावेज़ रूप में पार्टी कार्यालय में दाखिल करेंगे। इन प्रस्तावकों में बड़े नेतागण शामिल होंगे, जिनके हस्ताक्षर और समर्थन से चुनाव प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।
पार्टी के अंदर यह भी चर्चा रही है कि इस बदलाव के साथ युवा नेतृत्व को आगे आने का मौका मिलेगा और संगठन को नया उत्साह तथा दिशा मिल सकती है। नितिन नबीन खुद काफी सक्रिय रहे हैं और पहले से ही बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में संगठनात्मक कामकाज को संभाल रहे हैं। उनकी अपेक्षित नियुक्ति से पार्टी को स्थिरता और एक नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस तरह, साल 2026 की शुरुआत में बीजेपी अपने शीर्ष नेतृत्व को निर्धारित करके राजनीतिक मोर्चे पर बड़ा कदम उठा रही है। 20 जनवरी को किस तरह यह बदलाव होता है, इसके लिए पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ताओं की निगाहें उस दिन पर टिकी हुई हैं।




