Home » National » WATCH VIDEO: स्वदेशी का भाषण, Louis Vuitton की लाखों की बेल्ट: कैमरा पड़ा तो घबरा कर छुपाने लगे अनुराग ठाकुर

WATCH VIDEO: स्वदेशी का भाषण, Louis Vuitton की लाखों की बेल्ट: कैमरा पड़ा तो घबरा कर छुपाने लगे अनुराग ठाकुर

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

एबीसी नेशनल न्यूज | 3 फरवरी 2026

संसद में दोहरी राजनीति बेनकाब

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद अनुराग ठाकुर एक बार फिर अपने बयानों और निजी आचरण के बीच भारी विरोधाभास को लेकर विवादों में घिर गए हैं। लोकसभा के भीतर उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब टीवी कैमरों में अचानक उनकी कमर पर बंधी एक महंगी विदेशी बेल्ट साफ दिखाई दी। बताया जा रहा है कि यह बेल्ट अंतरराष्ट्रीय लग्ज़री ब्रांड Louis Vuitton की है, जिसकी कीमत 80 हजार रुपये से लेकर 4 लाख रुपये तक बताई जाती है।

गरीबों को त्याग का उपदेश, खुद ऐशो-आराम

यही वही अनुराग ठाकुर हैं, जो सार्वजनिक मंचों से गरीब हिंदू परिवारों के बच्चों को पढ़ाई छोड़कर “धर्म बचाने” के नाम पर सड़कों पर उतरने की नसीहत देते रहे हैं। लेकिन संसद के भीतर वही नेता विदेशी लग्ज़री ब्रांड की शान के साथ बैठे नज़र आए। विपक्ष का कहना है कि यह दृश्य बीजेपी नेताओं की कथनी और करनी के फर्क को उजागर करने के लिए काफी है।

कैमरा पड़ा तो हड़बड़ी, बेल्ट छुपाने की कोशिश

सूत्रों के अनुसार, जैसे ही बेल्ट कैमरे में स्पष्ट दिखी, अनुराग ठाकुर असहज हो गए और उसे छुपाने की कोशिश करने लगे। यह पूरा घटनाक्रम इसलिए भी ज्यादा चौंकाने वाला माना जा रहा है, क्योंकि कुछ ही मिनट पहले उन्होंने लोकसभा में जोरदार भाषण देते हुए देशवासियों से “स्वदेशी अपनाने” और विदेशी उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की थी। संसद में मौजूद कई सांसदों ने इसे खुली पाखंड राजनीति बताया।

स्वदेशी का उपदेश, विदेशी शान का प्रदर्शन

विपक्षी दलों ने सवाल उठाया कि जब खुद बीजेपी के नेता विदेशी ब्रांड के बिना नहीं रह सकते, तो आम आदमी से स्वदेशी अपनाने की अपील किस नैतिक अधिकार से की जा रही है। क्या स्वदेशी सिर्फ भाषणों, पोस्टरों और चुनावी नारों तक सीमित है, जबकि निजी जिंदगी में विदेशी शान ही असली पसंद बनी हुई है?

लोकसभा में तीखी प्रतिक्रियाएं

मामला सामने आने के बाद लोकसभा के भीतर और बाहर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। विपक्षी सांसदों ने कहा कि यही वह राजनीति है, जिसमें गरीबों को त्याग, बलिदान और राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया जाता है, जबकि खुद नेता महंगे विदेशी ब्रांड और ऐशो-आराम की जिंदगी जीते हैं।

‘यही है बीजेपी का असली चेहरा’

विपक्ष का कहना है कि यह कोई मामूली घटना नहीं, बल्कि बीजेपी नेताओं की सोच और प्राथमिकताओं को दिखाने वाला आईना है। एक तरफ गरीब बच्चों से शिक्षा छोड़ने की बात, दूसरी तरफ खुद लाखों रुपये के विदेशी सामान का शौक—इसी दोहरे मापदंड के सहारे जनता को गुमराह किया जा रहा है।

जनता के बीच गूंजता सवाल

राजनीतिक गलियारों में अब यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि जो नेता देश को स्वदेशी अपनाने की सीख देते हैं, क्या वे पहले खुद अपने गिरेबान में झांकेंगे? या फिर ऐसे ही दोहरे चेहरे के साथ जनता को राष्ट्रवाद और त्याग के नाम पर मूर्ख बनाते रहेंगे?

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments