राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 16 अप्रैल 2026
कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर अपने रुख को दोहराते हुए कहा है कि महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व देना पर्याप्त नहीं है, उन्हें निर्णय लेने की वास्तविक ताकत भी मिलनी चाहिए। संसद भवन में आयोजित INDIA गठबंधन की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi की मौजूदगी में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में महिला आरक्षण बिल को अधिक समावेशी और न्यायसंगत बनाने पर जोर दिया गया।
कांग्रेस का कहना है कि महिला सशक्तिकरण के लिए आरक्षण जरूरी कदम है, लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब इसमें सभी वर्गों—खासकर ओबीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं—की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि केवल सीटों का आरक्षण पर्याप्त नहीं है, बल्कि राजनीतिक प्रक्रिया में उनकी प्रभावी भागीदारी भी जरूरी है।
बैठक के बाद नेताओं ने INDIA गठबंधन के सांसदों के साथ इस मुद्दे पर रणनीति भी साझा की। कांग्रेस का मानना है कि महिला आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया पारदर्शी और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर होनी चाहिए।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद के दोनों सदनों में महिला आरक्षण को लागू करने की समयसीमा और उसके स्वरूप को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि आरक्षण का लाभ समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंचे।
फिलहाल, महिला आरक्षण का मुद्दा केवल विधायी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के बड़े विमर्श का हिस्सा बन चुका है।




