एबीसी नेशनल न्यूज | 16 जनवरी 2026
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर कथित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बनारस जैसे पवित्र शहर में, मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर चलाकर सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को ध्वस्त करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह केवल एक घाट नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और इतिहास की जीवित पहचान है, जिसे नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि मणिकर्णिका घाट की प्राचीनता और धार्मिक महत्व तो निर्विवाद है ही, साथ ही इससे लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की ऐतिहासिक स्मृतियां भी गहराई से जुड़ी हुई हैं। ऐसे स्थानों को विकास के नाम पर तोड़ना दरअसल देश की जड़ों पर प्रहार करने जैसा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विकास का मतलब अपनी ही विरासत को मिटा देना है।
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि चंद लोगों के व्यावसायिक हितों के लिए देश की धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने इसे “घोर पाप” करार देते हुए कहा कि इससे पहले भी बनारस में रिनोवेशन के नाम पर कई सदी पुराने मंदिरों को ध्वस्त किया जा चुका है, जो बेहद चिंताजनक है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। इसकी पहचान को कमजोर करने की कोशिशें देश की साझा विरासत के खिलाफ साजिश हैं। उन्होंने मांग की कि काशी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचाने वाली ऐसी सभी कार्रवाइयों को तत्काल बंद किया जाए और विकास के नाम पर धरोहरों के विनाश की नीति पर पुनर्विचार किया जाए।




