एबीसी नेशनल न्यूज | 3 फरवरी 2026
नई दिल्ली।
संसद के भीतर नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi को लगातार बोलने का अवसर न दिए जाने को लेकर विपक्ष ने गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। केरल से कांग्रेस सांसद Hibi Eden ने संसद से अपने निलंबन के बाद कहा कि यह मामला केवल एक नेता को बोलने से रोकने का नहीं है, बल्कि पूरे विपक्ष की आवाज को सुनियोजित तरीके से दबाने की कोशिश है। उन्होंने इसे देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा हमला करार देते हुए कहा कि संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संतुलन को जानबूझकर खत्म किया जा रहा है।
हिबी ईडन ने कहा कि जब-जब संसद में पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे ऐतिहासिक नेताओं से जुड़े विषयों पर चर्चा होती है, तब-तब Bharatiya Janata Party की ओर से कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर संगठित और आक्रामक हमला किया जाता है। ऐसे माहौल में जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन आरोपों का जवाब देना चाहते हैं, तो उन्हें बार-बार बोलने से रोका जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री—सभी ने मिलकर राहुल गांधी को सदन में अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया, जो संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।
सांसद हिबी ईडन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राहुल गांधी किसी उकसावे या व्यवधान के लिए खड़े नहीं हुए थे, बल्कि भाजपा सांसद Tejasvi Surya द्वारा कांग्रेस पार्टी की देशभक्ति पर किए गए हमले का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जब किसी राजनीतिक दल की राष्ट्रभक्ति पर सवाल उठाए जाते हैं, तो उसका उत्तर देना न केवल उसका अधिकार है, बल्कि लोकतांत्रिक जिम्मेदारी भी है। इसी क्रम में राहुल गांधी ने एक पत्रिका में प्रकाशित लेख का उल्लेख किया था, लेकिन उसी को आधार बनाकर सत्ता पक्ष ने मुद्दे को भटका दिया और उन्हें चुप कराने की कोशिश की।
हिबी ईडन ने आगे आरोप लगाया कि संसद के भीतर एकतरफा माहौल बना दिया गया है, जहां सत्ता पक्ष के सांसदों को खुलकर और बिना रोक-टोक बोलने की छूट है, जबकि विपक्ष की आवाज बार-बार दबाई जाती है। उन्होंने कहा कि यह रवैया लोकतंत्र की आत्मा के बिल्कुल विपरीत है। “हमारे संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को कमजोर करने और उसे अप्रासंगिक बनाने की कोशिश हो रही है, और इसी अन्याय के खिलाफ हम अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं,” उन्होंने दो टूक कहा।
उन्होंने यह भी बताया कि जब राहुल गांधी ने अमेरिका से जुड़े व्यापार समझौते, अमेरिकी टैरिफ, एपस्टीन फाइल्स और वैश्विक मंच पर भारत के हितों की अनदेखी जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दों को उठाने का प्रयास किया, तब भी उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई। हिबी ईडन के अनुसार, ये मुद्दे सीधे तौर पर भारत के आर्थिक, कूटनीतिक और रणनीतिक हितों से जुड़े हैं, लेकिन सत्ता पक्ष ने इन पर चर्चा से बचने का रास्ता चुना, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं।
अपने बयान के अंत में सांसद हिबी ईडन ने साफ कहा कि विपक्ष न तो डरने वाला है और न ही चुप बैठने वाला। उन्होंने ऐलान किया कि कांग्रेस और समूचा विपक्ष इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह संघर्ष जारी रखेगा, क्योंकि यह लड़ाई सिर्फ राहुल गांधी की नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र, संविधान और जनता की आवाज की रक्षा की लड़ाई है।




