एबीसी नेशनल न्यूज | 2 फरवरी 2026
पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में हिंसा एक बार फिर भड़क उठी है। अलग-अलग शहरों में हुए सुरक्षा अभियानों और मुठभेड़ों के दौरान कम से कम 92 उग्रवादी मारे गए। वहीं इन कार्रवाइयों में 15 सुरक्षा कर्मियों की भी जान चली गई। हालात तब और दर्दनाक हो गए जब उग्रवादियों ने आम नागरिकों को निशाना बनाया, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई।
पाकिस्तानी सेना ने बयान जारी कर बताया कि यह मौतें बड़े पैमाने पर चलाए गए तलाशी और सफ़ाई अभियानों के दौरान हुईं। सेना के मुताबिक उग्रवादियों ने न सिर्फ़ सुरक्षा बलों से टकराव किया, बल्कि कई इलाकों में आम लोगों पर भी हमले किए, जिससे आम नागरिकों में डर और अफ़रा-तफ़री का माहौल बन गया।
ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जब एक दिन पहले ही पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि उसने बलूचिस्तान में अलग-अलग छापेमारी के दौरान 41 उग्रवादियों को मार गिराया है। इसके बाद हिंसा और तेज़ हो गई और कई शहरों में हालात तनावपूर्ण हो गए।
बलूचिस्तान पाकिस्तान का वह इलाका है, जो ईरान और अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से सटा हुआ है और जहाँ दशकों से अलगाववादी उग्रवाद की समस्या बनी हुई है। लंबे समय से यह इलाका गरीबी, अशांति और टकराव का सामना कर रहा है। आम लोगों का कहना है कि लगातार होती हिंसा में सबसे ज़्यादा नुकसान आम नागरिकों का ही हो रहा है, जिनकी ज़िंदगी डर और अनिश्चितता के बीच गुजर रही है।
इस ताज़ा हिंसा ने एक बार फिर बलूचिस्तान में शांति और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों का मानना है कि जब तक आम लोगों की सुरक्षा और भरोसे को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी, तब तक हालात सामान्य होना मुश्किल है।




