अंतरराष्ट्रीय डेस्क 23 नवंबर 2025
मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदें एक बार फिर कमजोर होती दिख रही हैं। इज़राइल की सेना ने शनिवार, 22 नवंबर 2025 को घोषणा की कि उसने गाज़ा पट्टी में हमास के ठिकानों पर नई हवाई कार्रवाई की है, जो 10 अक्टूबर को शुरू हुए युद्धविराम (ceasefire) की अब तक की सबसे बड़ी और सबसे संवेदनशील परीक्षा मानी जा रही है। गाज़ा के स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है, जबकि 45 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। गाज़ा सिटी के घनी आबादी वाले रिमाल इलाके में एक वाहन को निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट है, जिसके बाद वह पूरी तरह जलकर खाक हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के मकानों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और सड़क पर अफरातफरी मच गई।
यह पहली बार नहीं है जब युद्धविराम के दौरान ऐसे हमले हुए हों। पिछले कुछ सप्ताहों में भी इज़राइल ने कई बार “प्रतिकारात्मक कार्रवाई” के नाम पर हवाई हमले किए हैं, जिनके पीछे उसका दावा रहा है कि हमास की ओर से सीमा पर गोलीबारी या विस्फोटक हमले किए गए। हालांकि हमास लगातार इज़राइल पर युद्धविराम को तोड़ने का आरोप लगाता रहा है और कहता है कि वह सिर्फ अपनी सुरक्षा के लिए जवाब देता है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष अपनी-अपनी दलीलें रख रहे हैं, लेकिन जमीन पर हालात यह साफ दिखा रहे हैं कि सामान्य नागरिक ही इस संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल ही में हुए कई हमलों में मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि युद्धविराम लागू होने के बाद से यह इज़राइली हमलों की सबसे घातक श्रृंखला में से एक है। लगातार बढ़ती हताहतों की संख्या ने इस fragile ceasefire पर बड़ा सवाल चिह्न लगा दिया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों ने बेहद कठिन हालात में हासिल किया था। संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न मानवीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत स्थिति नियंत्रित नहीं की गई तो गाज़ा में मानवीय संकट और गहरा सकता है, जहां पहले से ही हजारों परिवार बेघर हैं, स्वास्थ्य सुविधाएं चरमराई हुई हैं और खाद्य आपूर्ति सीमित है।
दूसरी ओर इज़राइल का कहना है कि उसकी कार्रवाई “टार्गेटेड स्ट्राइक” थी, जिसका उद्देश्य केवल उन हमास लड़ाकों को निशाना बनाना था जो युद्धविराम का उल्लंघन कर रहे थे। लेकिन अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ते हमले यह संकेत दे रहे हैं कि युद्धविराम बहुत नाजुक स्थिति में है और किसी भी समय पूरी तरह टूट सकता है। क्षेत्र में फिर से बड़े पैमाने पर संघर्ष भड़कने का खतरा बना हुआ है, जिससे शांति प्रयासों को बड़ा झटका लग सकता है।
इस बीच, गाज़ा के नागरिकों में भय और अनिश्चितता की भावना लगातार गहरी होती जा रही है। ध्वस्त घरों के मलबे के बीच अपने परिजनों की तलाश करते लोग, एंबुलेंसों की चीखती आवाजें और अस्पतालों में घायल बच्चों की लंबी लाइनें—यह तस्वीर दुनिया को एक बार फिर याद दिला रही है कि संघर्ष में सबसे ज्यादा पीड़ा आम लोगों को झेलनी पड़ती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक दोनों पक्ष वास्तविक संवाद और भरोसे की दिशा में कदम नहीं बढ़ाते, तब तक कोई भी युद्धविराम केवल कागज़ पर ही सुरक्षित रहेगा।




