अंतरराष्ट्रीय डेस्क 6 जनवरी 2026
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क की एक अदालत में पेश किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। अदालत में मादुरो ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें ज़बरदस्ती पकड़कर अमेरिका लाया गया, यह गिरफ्तारी नहीं बल्कि किडनैपिंग है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह अवैध और राजनीतिक साजिश बताया।
मादुरो का कहना है कि वे किसी अपराधी की तरह नहीं, बल्कि एक निर्वाचित राष्ट्रपति के तौर पर दुनिया के सामने खड़े हैं। अदालत में पेशी के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका उनकी सरकार को कमजोर करना चाहता है और इसी मकसद से यह कार्रवाई की गई है। मादुरो ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और एक संप्रभु देश की गरिमा को ताक पर रखकर यह कदम उठाया गया।
दूसरी ओर, अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि मादुरो पर ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप हैं। अमेरिका का कहना है कि कानून के तहत कार्रवाई की गई है और कोर्ट में अब पूरे मामले की सुनवाई होगी। लेकिन मादुरो समर्थकों का कहना है कि यह न्याय नहीं, बल्कि ताकत की राजनीति है।
वेनेजुएला में इस खबर के बाद लोगों में गुस्सा और बेचैनी है। कई जगह प्रदर्शन हो रहे हैं और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए जा रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि उनके राष्ट्रपति को अपमानित किया गया है और यह उनके देश की संप्रभुता पर सीधा हमला है।
यह मामला अब सिर्फ एक कोर्ट केस नहीं रहा। यह अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों, वैश्विक राजनीति और ताकतवर देशों की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि अदालत क्या फैसला सुनाती है और दुनिया इस घटनाक्रम को किस नजर से देखती है।




