अंतरराष्ट्रीय डेस्क 3 जनवरी 2025
कराकस पर हमले: सैन्य कार्रवाई या राजनीतिक संदेश?
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। BBC News की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने CBS को बताया है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर वेनेजुएला की राजधानी कराकस को निशाना बनाकर सैन्य हमले किए गए हैं। इन हमलों के बाद वेनेजुएला सरकार ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ये हमले सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं माने जा रहे, बल्कि इसे वेनेजुएला सरकार के लिए एक सख्त राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। कराकस में धमाकों और सैन्य गतिविधियों की खबरों के बाद आम नागरिकों में दहशत फैल गई। हालांकि, अभी तक हमलों से हुए नुकसान और हताहतों की आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है, लेकिन राजधानी में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
वेनेजुएला का जवाब: आपातकाल और सख्त कदम
हमलों के तुरंत बाद वेनेजुएला सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करते हुए कहा कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा खतरे में है। सरकार ने सेना और सुरक्षा एजेंसियों को असाधारण अधिकार देते हुए किसी भी “बाहरी आक्रमण” का मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही है। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अमेरिका की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
अमेरिका की रणनीति पर सवाल
डोनाल्ड ट्रंप के इस कथित आदेश ने एक बार फिर अमेरिकी विदेश नीति को लेकर बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या सैन्य दबाव के जरिए वेनेजुएला के आंतरिक हालात बदले जा सकते हैं, या इससे लैटिन अमेरिका में अस्थिरता और बढ़ेगी। अमेरिका पहले भी वेनेजुएला पर प्रतिबंधों, कूटनीतिक दबाव और सत्ता परिवर्तन की कोशिशों को लेकर आलोचना झेलता रहा है।
आम लोगों पर सबसे बड़ा असर
हर बार की तरह इस टकराव का सबसे बड़ा खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। पहले से आर्थिक संकट, महंगाई और दवाइयों की कमी से जूझ रहे वेनेजुएला के लोग अब युद्ध जैसे हालात के डर में जी रहे हैं। स्कूल, दफ्तर और सार्वजनिक सेवाओं पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
दुनिया की नजरें कराकस पर
संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने स्थिति पर चिंता जताई है और संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्दी नहीं संभले, तो यह संकट सिर्फ अमेरिका और वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकता है।
फिलहाल कराकस में हालात तनावपूर्ण हैं और दुनिया की निगाहें इस पर टिकी हैं कि आने वाले घंटों और दिनों में यह टकराव किस दिशा में जाता है—शांति की ओर या एक और बड़े संघर्ष की तरफ।




